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बहन की आंखों के इलाज के नाम पर जय सिंह राठौड़ ने जुटाए 1.5 लाख रुपये, अस्पताल ने कहा- सारे कागज फर्जी हैं

जो कहानी दो दिन पहले तक इंसानियत की एक शानदार मिसाल लग रही थी, वो अब एक बड़े विवाद और धोखे के रूप में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

बहन की आंखों के इलाज के नाम पर जय सिंह राठौड़ ने जुटाए 1.5 लाख रुपये, अस्पताल ने कहा- सारे कागज फर्जी हैं
16 साल के लड़के ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके 'X' से 1.5 लाख रुपये जुटाए. (सांकेतिक तस्वीर)
Unsplash

Viral Story: एक 16 साल के लड़के ने अपनी 12 साल की छोटी बहन की आंखों की सर्जरी के नाम पर लोगों से मदद की अपील की और महज 24 घंटे के अंदर ही डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा की रकम जुटा ली. लेकिन इस कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब जिस अस्पताल के नाम पर ये पैसे मांगे जा रहे थे, उसने खुद सामने आकर बताया कि इलाज से जुड़े सारे मेडिकल कागज पूरी तरह से फर्जी हैं.

एक्स पर की थी भावुक पोस्ट

जय सिंह राठौर नाम के इस लड़के ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लोगों से एक भावुक अपील की. उसने बताया कि उसकी बहन की आंखों की रोशनी जाने का खतरा है और उसे दिल्ली के श्रॉफ आई सेंटर में तुरंत सर्जरी की जरूरत है. जय ने दावा किया कि उसका परिवार इलाज पर पहले ही ढाई लाख रुपये खर्च कर चुका है और अब 1.2 लाख रुपये की और जरूरत है. उसने लोगों से 10-20 रुपये जैसी छोटी रकम भी दान करने की गुजारिश की. इस अपील का लोगों पर इतना असर हुआ कि एक ही दिन में 1,58,282 रुपये जमा हो गए. पैसे पूरे होने के बाद जय ने पोस्ट अपडेट करके डोनेशन देने वालों को शुक्रिया कहा और बैंक डिटेल्स हटा लीं.

अस्पताल ने किया भंडाफोड़

मदद की ये खूबसूरत कहानी तब शक के घेरे में आ गई, जब श्रॉफ आई सेंटर ने इंस्टाग्राम पर एक पब्लिक अलर्ट जारी कर दिया. अस्पताल ने साफ किया कि कुछ लोग उनके लेटरहेड का गलत इस्तेमाल करके फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड, पर्चे और बिल बना रहे हैं. अस्पताल ने लोगों और एनजीओ को सावधान करते हुए लिखा कि कोई इन फर्जी कागजों के जरिए वॉट्सऐप पर पैसों की मांग कर रहा है, कृपया इस धोखे से बचें.

16-Year-Old Boy Raises Rs 1.5 Lakh Using Forged Shroff Eye Centre Documents on X

श्रॉफ आई सेंटर ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर स्टोरी लगाकर इसे धोखाधड़ी का खुलासा किया.
Photo Credit: Instagram@shroffeyecentre

सवालों में घिरे जय के बदलने लगे बयान

अस्पताल का बयान आते ही इंटरनेट पर हंगामा मच गया. जिन लोगों ने पैसे दिए थे, उन्होंने पड़ताल शुरू कर दी. जब अस्पताल में पूछा गया तो वहां इस नाम के किसी मरीज का रिकॉर्ड ही नहीं मिला. इसके बाद लोग जय से इलाज के असली सबूत मांगने लगे. विवाद इतना बढ़ा कि जय को 'X Spaces' पर आकर लोगों के सवालों का जवाब देना पड़ा. यहां उसके बयान गोलमोल होने लगे. उसने माना कि नाम भले ही बहन का इस्तेमाल किया गया हो, लेकिन असल में उसे ये पैसे अपने बीमार पिता के इलाज के लिए चाहिए थे. उसने अपनी इस हरकत को एक गलती भी बताया.

पैसे वापसी की उठने लगी मांग

इस खुलासे के बाद जिन अजनबियों ने नेकी समझकर पैसे दिए थे, वे खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे और उन्होंने रिफंड की मांग शुरू कर दी. हालांकि, इंटरनेट पर कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट भी शेयर किए गए जिनमें पैसे लौटाने का दावा किया गया है, लेकिन इनकी अभी कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई है. वहीं, जय लगातार यही दलील दे रहा है कि उसका परिवार सच में आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और उसने ये रकम अपने शौक के लिए नहीं उड़ाई है.

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