Viral News: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक युवक ने पोस्ट किया है, जिसमें उसने लिखा कि जिन लोगों को मैंने भारत में एक ठीक-ठाक ज़िंदगी जीने के लिए संघर्ष करते देखा था, वे जब अमेरिका-कनाडा में जाते हैं, तो कुछ ही सालों में उनके पास लेटेस्ट फोन, कैमरी (कार) और हरे-भरे इलाके में एक शानदार विला होता है. इसके बाद युवक की पोस्ट पर काफी लोगों ने कमेंट किए गए. विदेश में जाने वाले भारतीयों की जिंदगी बदलने के पीछे लोगों ने कमेंट में कई बातों का जिक्र किया है.
'विदेशों प्रॉपर्टी खरीदना आसान है!'
युवक का नाम प्रणव भारद्वाज (@PranavaBhardwaj) है, उसने एक्स पोस्ट में लिखा कि मुझे यह देखकर हैरानी होती है कि अमेरिका और कनाडा में लोगों के लिए ग्रामीण इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदना कितना आसान है. उसने अपनी पोस्ट में कहा कि जिन लोगों को मैंने भारत में एक ठीक-ठाक ज़िंदगी जीने के लिए संघर्ष करते देखा था, वे जब इन देशों में चले जाते हैं, तो कुछ ही सालों में उनके पास लेटेस्ट फोन, कैमरी कार और हरे-भरे इलाके में एक शानदार विला होता है.
'भारत में लोग EMI चुकाने में लगा देते हैं आधी सैलरी'
प्रणव भारद्वाज का कहना है कि भारत में लोग अपनी आधी सैलरी EMI चुकाने में ही लगा देते हैं और ऐसा वे ज़िंदगी भर करते रहते हैं. यह सब वे एक ऐसे शहर में 1,100 sq ft का अपार्टमेंट पाने के लिए करते हैं, जहां का इंफ्रास्ट्रक्चर खराब है, हवा प्रदूषित है और व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है. यह देखकर मुझे एहसास होता है कि भारत में हमारी यह सारी भागदौड़ कितनी बेवकूफी भरी और बेकार है. बस आराम से रहो और दिन गिनो, यार...

Photo Credit: X/@PranavaBhardwaj
युवक की पोस्ट पर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया
जैसे ही युवक ने एक्स पर यह पोस्ट किया है. इसके बाद उसके कमेंट सेक्शन में काफी लोग कूद पड़े. 150 से अधिक लोगों ने पोस्ट पर कमेंट किए हैं, जबकि 500 से अधिक लोगों ने रिपोस्ट किया है. कुछ लोग अपनी-अपनी भड़ास निकालने लगे तो कुछ लोगों ने विदेशी में भारतीय लोगों की एकाएक जिंदगी बदलने के पीछे अपना तर्क दिया. एक यूजर @RationaleVs ने प्रणव की पोस्ट पर कमेंट किया, "आप बिलकुल सही हैं. मैं भारत के टॉप टेक्निकल इंस्टीट्यूट से ग्रेजुएट हूं. भारत में मुझे बहुत संघर्ष करना पड़ा, बचत करना भी मुश्किल था."
यूजर ने आगे लिखा कि मुझे पहले भी मौका मिला था, लेकिन मैंने भारत जाने का इरादा नहीं किया. आखिरकार मैं भारत आ ही गया, और ईश्वर की कृपा से अब मैं करोड़पति हूं, मेरे पास घर, गाड़ियां और बहुत से दान-पुण्य के काम हैं. वहीं, दूसरे यूजर vamshi @vamshi138 ने कमेंट किया कि अगर यह इतना आसान होता जितना आप कहते हैं, तो हर अमेरिकी ऐसा क्यों नहीं कर रहा है? हर अमेरिकी के पास नवीनतम कैमरी और एक शानदार विला क्यों नहीं है?
यह भी पढ़ें | 5 दिन नौकरी, 2 दिन मटन का ठेला...दो IT प्रोफेशनल्स ने पहले ही महीने कमाए 6 लाख, 5 करोड़ का ऑफर ठुकराया
ग्रोक ने भारत-अमेरिका में कार की तुलना की
इस पर प्रणव ने ग्रोक से भारत और अमेरिका में कारों की कुल संख्या तुलना करने को कहा, जिस पर ग्रोक ने बताया कि 2024 के आंकड़े के अनुसार, अमेरिका में प्रति 1,000 व्यक्तियों पर लगभग 800 वाहन है. भारत में प्रति 1,000 व्यक्तियों पर लगभग 35-40 यात्री कारें, जिनमें से केवल 7-8% परिवारों के पास कार है. आय, बुनियादी ढांचे और शहरी संरचना के कारण अमेरिका में यह अंतर 20 गुना से भी अधिक है. भारत में दोपहिया वाहनों पर निर्भरता कहीं अधिक है.
एक और यूजर @Kcpandey23 ने कमेंट में लिखा कि मेरा कजिन भारत में एक मिड-लेवल मेडिकल सेल्स मैनेजर था और किराए के घर में रहता था... वह ऑस्ट्रेलिया चला गया और पिज़्ज़ा डिलीवरी से शुरुआत की... फिर उसे एक नौकरी मिल गई और अब 5 साल के अंदर मेलबर्न में उसका अपना घर है जिसमें एक पूल भी है.
@PranavaBhardwaj All because of the fkin politicians, beurocrats and their benami's who have made it into a "BLACK MONEY LOCKER". Their entire loot is safely locked in real estate, in land and in apartments whereas ordinary people are longing for a proper home at an affordable price.
— Moderate Citizen (@ModerateIndian1) November 1, 2026
एक यूजर ने नेताओं-नौकरशाहों को बताया जिम्मेदार
वहीं, Moderate Citizen (@ModerateIndian1) नाम के यूजर ने कमेंट किया कि यह सब उन नेताओं, नौकरशाहों और उनके बेनामीदारों की वजह से है, जिन्होंने इसे "ब्लैक मनी लॉकर" बना दिया है. उनकी सारी लूट रियल एस्टेट, ज़मीनों और अपार्टमेंट्स में सुरक्षित बंद है, जबकि आम लोग एक सही घर के लिए तरस रहे हैं जिसे वे अपनी पहुंच के अंदर (किफायती दाम पर) खरीद सकें.
यह भी पढ़ें | कनाडा की लग्जरी लाइफ छोड़ हिमालय के गांव में शिफ्ट हुआ कपल, बताया पहले महीने का खर्च
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं