Sugar Price Hike 2026: आने वाले त्योहारों के मौसम से ठीक पहले आम जनता की जेब पर महंगाई की मार पड़ती दिख रही है. देश के कई राज्यों में चीनी की कीमतों में अचानक उछाल दर्ज किया गया है. पिछले एक महीने के दौरान देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत (Average Retail Price) में करीब 7% की बढ़ोतरी हुई है.
बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय हरकत में आ गया है. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चीनी की मांग, उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की है.

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एक महीने में 15% तक की उछाल
केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 50.42 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. हालांकि, कुछ राज्यों में कीमतें राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक तेजी से बढ़ी हैं.
राज्यों में चीनी की कीमतों में वृद्धि
| राज्य | मूल्य वृद्धि दर |
| ओडिशा | 15.75% |
| महाराष्ट्र | 12.75% |
| उत्तराखंड | 12.50% |
| कर्नाटक | 11.62% |
| छत्तीसगढ़ 10.11% | 10.11% |
(डाटा-राज्य नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक)
जमाखोरी रोकने के लिए 30 नवंबर 2026 तक स्टॉक लिमिट लागू
बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले जमाखोरों पर नकेल कसने के लिए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. सरकार ने 1 अगस्त 2026 से ही पूरे देश में चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा (Stock Limit) लागू कर दी है, जो 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. खाद्य मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है, ताकि वास्तविक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला में बिना किसी रुकावट के सामान्य कामकाज चलता रहे.
बनावटी किल्लत और कागजी सट्टेबाजी पर सरकार सख्त
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, चीनी की एक्स मिल कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी देश में चीनी की वास्तविक मांग और आपूर्ति के गणित से मेल नहीं खाती है. मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार कुछ व्यापारियों, डीलरों और बिचौलियों द्वारा की गई जमाखोरी, सट्टा लेनदेन और बिना किसी वास्तविक माल के केवल कागजी व्यापार के कारण बाजार में बनावटी कमी की बनाई गई है. इसी वजह से एक्स मिल और खुदरा स्तर पर कीमतें बेवजह बढ़ी हैं.
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सरकार के आकलन के अनुसार देश में घरेलू खपत के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है. सप्लाई चेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नियम कड़े कर दिए हैं. इसके मुताबिक, सभी चीनी व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और मिलों को अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी हर हफ्ते खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल ([https://foodstock.dfpd.gov.in/](https://foodstock.dfpd.gov.in/)) पर अपडेट करनी होगी. मंत्रालय पूरे सीजन के दौरान चीनी की सप्लाई और कीमतों पर रोजाना के आधार पर नजर बनाए रखेगा, ताकि आम उपभोक्ताओं को त्योहारों के दौरान सही दाम पर चीनी मिलती रहे.
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