Viral News: कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए वर्क लाइफ बैलेंस एक बड़ी चुनौती है. साथ ही टारगेट बेस्ड वर्क की वजह से काम के घंटे व शिफ्ट टाइमिंग ने भी लोगों का पूरा शेड्यूल बिगाड़ रखा है. कई देशों में काम के घंटों और शिफ्ट टाइमिंग को लेकर बहस भी होती है. अभी हाल में ही ब्राजील में हर हफ्ते मात्र 40 घंटे काम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. बीते दिनों भारत में भी 5 डे वर्किंग को लेकर बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की थी. वहीं, अमेरिका सिलिकॉन वैली में 996 वर्क कल्चर के ट्रेंड के बीच भारतीय मूल के CEO हार्दिक जगदा ने वर्क लाइफ बैलेंस को लेकर बड़ा मंत्र दिया है.
996 वर्क कल्चर के ट्रेंड पर उठाए सवाल
हार्दिक जगदा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थित Proximity Works के फाउंडर और CEO हैं. उन्होंने सिलिकॉन वैली में 996 वर्क कल्चर के ट्रेंड के बीच अपनी बात रखी है. हार्दिक ने कहा कि काम के घंटे गिनना मायने नहीं रखता है, बल्कि वर्क क्वालिटी और उसका आउटकम मायने रखता है.
Business Insider से बातचीत में भारतीय मूल के CEO ने वर्क लाइफ बैलेंस के बारे में बात करते हुए कहा कि वह सुबह 3 बजे उठते हैं और हफ्ते में 6 दिन काम करते हैं. पर वह अपने कर्मचारियों पर 996 वर्क कल्चर नहीं थोपते हैं. हार्दिक अपना रूटीन एक ओलंपिक एथलीटों की तरह फॉलो करते हैं. जो कड़ी ट्रेनिंग के साथ-साथ आराम और रिकवरी के बीच संतुलन बनाए रखते हैं.
'996' वर्क कल्चर क्या है
सिलिकॉन वैली में '996' वर्क कल्चर पर सवाल उठाते हुए हार्दिक ने कहा कि प्रोडक्टिविटी को काम के घंटों से नहीं मापा जाना चाहिए. इसके बजाय, कर्मचारियों को अपना शेड्यूल इस तरह बनाना चाहिए कि वे अपने सबसे प्रोडक्टिव समय में काम कर सकें. '996' कल्चर में हफ्ते में 6 दिन, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे (दिन में 12 घंटे) तक काम करना पड़ता है.
अपने रूटीन के बारे में हार्दिक ने बताया कि वह सुबह 3 से 5 बजे के बीच उठ जाते हैं. इसके बाद वे बिजनेस स्ट्रैटेजी बनाने, एक्सरसाइज करने और अपने व्यक्तिगत व पेशेवर लक्ष्यों को लिखने के लिए करते हैं. वे कहते हैं कि सुबह 7 बजे के बाद मेरा समय मेरा नहीं रहता, क्योंकि अलग-अलग टाइम ज़ोन में मौजूद उनके कर्मचारियों का उनके पास कॉल मैसेज आने लगते हैं.
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कैसा है हार्दिक का रूटीन
उनकी पहली मीटिंग आमतौर पर सुबह 7:30 या 8 बजे शुरू होती है. वे कोशिश करते हैं कि दोपहर 2:30 बजे तक सारी कॉल खत्म हो जाएं, 3 बजे फिर से एक्सरसाइज करें और दिन का बाकी समय क्रिएटिव काम के लिए रखें. वे बीच-बीच में छोटे ब्रेक भी लेते हैं, शाम का समय अपने करीबियों के साथ बिताते हैं और रात 9 बजे तक सो जाने का लक्ष्य रखते हैं. उनका कहना है कि मैं काम की वॉल्यूम के बजाय सही सिस्टम बनाने पर ध्यान देना पसंद करूंगा.
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