ब्रिटेन की दिवंगत महारानी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा बचपन में लिखा गया एक हाथ से लिखा पत्र हाल ही में नीलामी में 25,000 पाउंड (करीब 30 लाख रुपये) में बिक गया. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पत्र उस समय लिखा गया था जब वह लगभग 10 साल की थीं. यह नीलामी ब्रिटेन के केंट स्थित (हैनसन नीलामीकर्ता) Hansons Auctioneers में आयोजित की गई. बताया जा रहा है कि यह पत्र अपनी अनुमानित कीमत से कई गुना ज्यादा में बिका, जिससे यह ऐतिहासिक दस्तावेज चर्चा का विषय बन गया है.
जानवरों के लिए प्यार और स्टाफ के प्रति अपनापन
यह खत 1936 से 1940 के बीच लिखा गया था और इसे बीट्रिस स्टिलमैन को संबोधित किया गया था, जो विंडसर के रॉयल लॉज में हेड हाउसमेड थीं. रॉयल लॉज, जो Royal Lodge में स्थित है, शाही परिवार का निवास स्थान रहा है. पत्र में छोटी एलिजाबेथ ने लिखा, मुझे उम्मीद है कि चिड़ियां ठीक होंगी और गोल्ड फिश मरी नहीं होंगी. उन्होंने स्टिलमैन से यह भी कहा, कि वह उनके द्वारा तोड़े गए प्रिमरोज़ फूलों को बाकी स्टाफ के साथ शेयर करें. इस पत्र में कुत्तों, घोड़ों और बच्चों के डूडल्स भी बने हुए थे, जो उनके बचपन की मासूमियत और जानवरों के प्रति प्रेम को दर्शाते हैं.
Remember this letter/picture by Queen Elizabeth II? It sold at auction for 25k
by u/Nuthetes in UKmonarchs
सूटकेस में मिला अनमोल खजाना
यह पत्र बीट्रिस स्टिलमैन की भतीजी जीन वेस्टाकॉट के निधन (2024) के बाद उनके बिस्तर के नीचे रखे एक सूटकेस में मिला. जीन के भतीजे विलियम वेस्टाकॉट ने इसे खोजने को वॉव मोमेंट बताया. नीलामी से जुड़े जस्टिन मैथ्यूज ने कहा, कि यह पत्र महारानी के बचपन और उनके दयालु स्वभाव की झलक दिखाता है. उन्होंने कहा, जिस तरह हम महारानी एलिजाबेथ को कुत्तों और घोड़ों से प्यार करने वाली शख्सियत के रूप में याद करते हैं, वही प्यार इस बचपन के पत्र में साफ दिखाई देता है.
प्रिंसेस मार्गरेट का भी था नोट
इस पत्र के साथ प्रिंसेस मार्गरेट का एक छोटा-सा नोट भी शामिल था. उन्होंने लिखा था, बीट्रिस! क्या आप कृपया मेरे स्विमिंग सूट का ध्यान रखें?- मार्गरेट. नीलामीकर्ता के अनुसार, जहां एलिजाबेथ के पत्र में जानवरों और स्टाफ की चिंता झलकती है, वहीं मार्गरेट का नोट उनके फैशन और निजी चीजों पर ध्यान को दर्शाता है. दोनों की ये बातें उनके आगे चलकर बने व्यक्तित्व से मेल खाती हैं.
क्यों खास है यह पत्र?
विशेषज्ञों का मानना है कि उस दौर में बच्चों का घर के स्टाफ से पत्राचार करना सामान्य बात थी, खासकर जब वे उनसे लगाव रखते थे. लेकिन, भविष्य की महारानी द्वारा लिखा गया यह पत्र न केवल भावनात्मक है, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है. यह खत दिखाता है कि बचपन से ही एलिजाबेथ का स्वभाव स्नेही, जिम्मेदार और जानवरों से प्रेम करने वाला था, जो आगे चलकर उनके लंबे और सफल शासनकाल में भी नजर आया.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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