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वंदे भारत में पहली बार विदेशी यूटयूबर ने किया सफर, बोला- एग्जीक्यूटिव क्लास का ये फीचर दिल ले गया

मुंबई से पुणे की यात्रा कर रहे डच ट्रैवल यूट्यूबर पेड्रो मोटा वंदे भारत की लग्जरी सुविधाओं को देखकर हैरान रह गए. उन्होंने ट्रेन की 180 डिग्री घूमने वाली सीट, वैक्यूम टॉयलेट और बेहतरीन स्नैक्स की तारीफ करते हुए इसे सफर के लिए बेस्ट बताया.

वंदे भारत में पहली बार विदेशी यूटयूबर ने किया सफर, बोला- एग्जीक्यूटिव क्लास का ये फीचर दिल ले गया
वंदे भारत की घूमने वाली सीटें और वैक्यूम टॉयलेट देख हैरान हुआ विदेशी व्लॉगर.
YT Channel/Madly Rover

VIRAL VIDEO: मुंबई-पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस का एग्जीक्यूटिव क्लास आजकल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. नीदरलैंड के मशहूर ट्रैवल व्लॉगर पेड्रो मोटा ने अपने यूट्यूब चैनल 'Madly Rover' पर इस सफर का एक वीडियो साझा किया है, जिसे 10 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं. सफर के दौरान डच व्लॉगर ट्रेन की आधुनिक सुख-सुविधाओं और तकनीक को देखकर दंग रह गए. उन्होंने विशेष रूप से 180-डिग्री घूमने वाली आरामदायक सीटों, ट्रेन के सेंसर वाले ऑटोमैटिक दरवाजों और वैक्यूम फ्लश से लैस साफ-सुथरे टॉयलेट्स की जमकर तारीफ की है. इसके अलावा सफर में परोसे गए भारतीय स्नैक्स, आलू कचौड़ी और प्लेन के कॉकपिट जैसे दिखने वाले लोको-पायलट के आधुनिक कंसोल पैनल ने भी उनका ध्यान खींचा. पेड्रो ने इस 3 घंटे के सफर को बेहद आरामदायक और थकान-रहित बताते हुए भारतीय रेलवे की बदलती तस्वीर की सराहना की है.

खूबसूरत नजारा देख हैरान रह गया यूट्यूबर

यूट्यूबर पेड्रो मोटा ने बताया कि ट्रेन के अंदर कदम रखते ही दरवाजे खुल जाते हैं, जिन्हें छूने की भी जरूरत नहीं पड़ती. अंदर की सीटें बेहद आरामदायक और रीक्लाइनर (पीछे झुकने वाली) हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन सीटों को आप 180 डिग्री तक घुमाकर खिड़की से बाहर का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं और अपने परिवार के साथ ग्रुप बनाकर बातचीत का मजा ले सकते हैं. हर यात्री के लिए पानी की बोतल और अखबार की सुविधा उपलब्ध है.   

प्लेन के कॉकपिट जैसा नजारा

सफर शुरू होने से पहले पेड्रो मोटा मुलाकात वंदे भारत के लोको पायलट (ड्राइवर) से हुई. उन्होंने बताया कि आज हमारी अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा रहने वाली है. सुरक्षा कारणों से कॉकपिट के अंदर वीडियो बनाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन वहां का अत्याधुनिक कंसोल पैनल और नियंत्रण प्रणाली देखकर साफ पता चलता है कि भारतीय रेलवे तकनीक के मामले में कितनी आगे निकल चुकी है.

भारतीय स्नैक्स का जमकर मजा उठाया

पेड्रो मोटा ने कहा, "चूंकि यह सफर लगभग 3 घंटे का है, इसलिए यात्रा के दौरान पूरा भोजन नहीं बल्कि गरमा-गरम स्नैक्स और नाश्ता परोसा जाता है.स्नैक्स मेनू में काजू, बादाम, जूस, चोको पाई, पीनट बार और गरमा-गरम आलू कचौड़ी थे. यहां आपको टी-बैग और गरम पानी वाली प्री-मिक्स चाय मिलती है. हालांकि, यह चाय स्वाद में ठीक है, लेकिन व्लॉगर को पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों में 'चाय-चाय' की आवाज लगाने वाले और केतली से कड़क मसाला चाय पिलाने वाले 'चायवाले अंकल' की याद जरूर आई. 

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टॉयलेट का नजारा देख डच यूट्यूबर भी हैरान

ट्रेन की स्वच्छता जांचने के लिए यूट्यूबर पेड्रो मोटा ने टॉयलेट टेस्ट किया गया. वंदे भारत का टॉयलेट वैक्यूम फ्लश सिस्टम और आधुनिक फिटिंग्स से लैस है. हालांकि, यात्रियों के लगातार उपयोग के कारण हल्का गीलापन जरूर दिखा, लेकिन पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में यह काफी बेहतर और हाइजीनिक है. नीदरलैंड के यूट्यूबर ने कहा, "हम बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल पुणे पहुंच चुके हैं. एग्जीक्यूटिव क्लास का यह सफर बेहद आरामदायक, थकान-रहित और शानदार रहा. यदि आप भी समय बचाते हुए आराम से यात्रा करना चाहते हैं, तो वंदे भारत एक्सप्रेस एक बेहतरीन विकल्प है."

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