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25,000 कमाता था तो खुश था... 2.5 लाख कमा रहे कॉर्पोरेट कर्मचारी ने कही ऐसी बात, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया पोस्ट

इन दिनों एक रेडिट पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक यूजर ने बताया कि जब उसकी कमाई केवल 25 हजार थी, तब वह ज्यादा खुश था. लेकिन अब जब वह 2.5 लाख कमाता है, तो उसे जीवन में काफी ज्यादा खालीपन महसूस होता है.

25,000 कमाता था तो खुश था... 2.5 लाख कमा रहे कॉर्पोरेट कर्मचारी ने कही ऐसी बात, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया पोस्ट
वायरल पोस्ट
Photo Credit: NDTV

आजकल अधिकतर लोग ज्यादा पैसे कमाने की दौड़ में लगे हुए हैं, लेकिन क्या ज्यादा पैसा कमाना, ज्यादा खुशी भी है? सोशल मीडिया पर एक कॉर्पोरेट कर्मचारी का पोस्ट इस समय खूब चर्चा में है, जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है. वायरल रेडिट पोस्ट में एक कॉर्पोरेट कर्मचारी ने बताया कि वह हर महीने 2.5 लाख रुपये कमाने के बावजूद खुद को खाली और उदास महसूस करता है. उसने लिखा कि जब उसकी कमाई सिर्फ 25 हजार रुपये थी, तब वह खुश था,  छोटी-छोटी चीजें भी उसे खुशी देती थीं. किसी छोटी चीज पर खर्च करना भी उसके लिए खास होता था और वह जिंदगी को ज्यादा महसूस करता था. लेकिन अब जब से वह ज्यादा पैसे कमा रहा है, तब से जीवन ले स्पार्क चला गया है.

'25,000 रुपये कमाता था, तब जिंदगी में अलग ही खुशी थी'

रेडिट पोस्ट में यूजर ने लिखा कि 'मैंने वो मुकाम हासिल कर लिया है, वो गोल्डन नंबर. हर महीने मेरे फोन पर एक नोटिफिकेशन आता है- आपके खाते में 2,50,000 रुपये क्रेडिट हो गए हैं. समाज के हिसाब से देखा जाए तो मैं सफल हो गया हूं, जिंदगी में जीत रहा हूं. लेकिन फिर भी मुझे कुछ भी महसूस क्यों नहीं होता? जब मैं महीने के 25,000 रुपये कमाता था, तब जिंदगी में अलग ही खुशी थी. 500 रुपये का एक साधारण डिनर भी बड़ी उपलब्धि लगता था. नई शर्ट खरीदना भी एक खास मौका होता था. हर एक रुपये की अपनी अहमियत होती थी, उसका एक मकसद होता था और उसे खर्च करने में एक फ्रीडम महसूस होता था. तब मैं सच में जिंदगी जी रहा था.'

'मेरी मेहनत का पैसा मेरे अलावा सबके काम आ रहा है'

यूजर ने आग लिखा कि 'आज मैं अपने ही बैंक अकाउंट के लिए एक 'डेटा एंट्री क्लर्क' बनकर रह गया हूx, जो सिर्फ स्क्रीन पर पैसे आते-जाते देखता रहता है. जैसे ही 2.5 लाख रुपये खाते में आते हैं, वैसे ही खर्च हो जाते हैं- लगभग 50% तो उसी समय गायब हो जाता है. ये पैसा निवेश, म्यूचुअल फंड और इमरजेंसी सेविंग्स में चला जाता है. मैं ऐसे इंसान के भविष्य के लिए पैसा जोड़ रहा हूं, जिसे मैं अभी जानता भी नहीं, और इसी चक्कर में अपने आज की जरूरतें दबा रहा हू. बाकी बचा हुआ पैसा भी धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. किराया उसका बड़ा हिस्सा ले जाता है. घर के बिल भी अच्छा-खासा खर्च करवा देते हैं. फिर माता-पिता को पैसे भेजने की जिम्मेदारी आती है- क्योंकि उनका सहारा बनना जरूरी है, लेकिन इसका मतलब ये भी है कि मेरी मेहनत का पैसा मेरे अलावा सबके काम आ रहा है.'

आप भी देखिए ये पोस्ट

Earning ₹2.5 Lakhs a month, but I've never felt poorer. The ₹25k version of me was happier.
by u/SeparatePermission79 in personalfinanceindia

खाली सी लगने लगी जिंदगी

इसके आगे यूजर ने बताया कि 'जब तक सब कुछ खत्म होता है, मेरे पास अपने लिए बचा हुआ पैसा मजाक जैसा लगता है. मैं सिर्फ पैसों के हिसाब-किताब में उलझ गया हूं, जैसे जिम्मेदारियों और मिडिल क्लास की सोच ने मुझे एक पिंजरे में कैद कर दिया हो. मैं अपने बैंक बैलेंस को देखता हूं तो सिर्फ एक आंकड़ा दिखता है, और अपनी जिंदगी को देखता हूं तो वो खाली-सी लगती है.'

लोगों की प्रतिक्रियाएं

जैसे ही ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इंटरनेट यूजर्स ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं जाहिर कीं. एक यूजर ने लिखा 'ज्यादा खर्च करो, फॉरन ट्रिप्स पर जाओ, जिंदगी जियो और ज्यादा कमाने का जुनून लाओ', इसके अलावा एक यूजर ने लिखा 'कुछ समय के लिए खेतों में जाकर काम करो। तब तुम्हें अपनी सहूलियत और फायदे समझ में आएंगे.'

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