Viral News: चीन के एक स्कूल का अनोखा तरीका इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. यहां शरारती और पढ़ाई से दूर भागने वाले छात्रों को सुधारने के लिए ऐसा एक्सपेरिमेंट किया गया, जिसे देखकर लोग भी हैरान रह गए. स्कूल ने छात्रों को पूरे हफ्ते अपने साथ एक बेबी डॉल रखने का टास्क दिया, ताकि वे समझ सकें कि माता-पिता बच्चों को पालने में कितनी मेहनत करते हैं. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला-
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला चीन के शूझोउ शहर के युआनझोंग स्पेशल एजुकेशन स्कूल का बताया जा रहा है. यह स्कूल उन बच्चों के लिए है जिन्हें संभालना मुश्किल माना जाता है. ऐसे बच्चे जो घरवालों की बात नहीं मानते, हर छोटी बात पर गुस्सा करते हैं, पढ़ाई में मन नहीं लगाते या ऑनलाइन गेम की लत में रहते हैं, उन्हें यहां भेजा जाता है.
पूरे दिन 'बच्चे' की तरह संभालनी पड़ी डॉल
स्कूल ने बच्चों की आदतें सुधारने के लिए एक नया तरीका निकाला. हर छात्र को करीब 2.5 किलो वजन की बेबी डॉल दी गई और कहा गया कि पूरे हफ्ते इसे अपने बच्चे की तरह संभालना होगा. बच्चों को क्लासरूम, कैंटीन और मैदान हर जगह डॉल को साथ रखना पड़ा.
इतना ही नहीं, कुछ छात्रों को डॉल को पीठ पर बांधकर लंबी वॉक और एक्सरसाइज भी कराई गई, ताकि उन्हें एहसास हो सके कि बच्चों की देखभाल करना कितना मुश्किल होता है.
छात्रों को समझ आई माता-पिता की मेहनतइस अनोखे एक्सपेरिमेंट के बाद कुछ बच्चों ने कहा कि थोड़ी देर तक डॉल को उठाकर चलने के बाद ही उनके पैरों में दर्द होने लगा. छात्रों का कहना है कि अब उन्हें समझ आ रहा है कि माता-पिता उनके लिए कितनी मेहनत करते हैं.
स्कूल के प्रिंसिपल डू का कहना है कि इस एक्टिविटी का मकसद बच्चों में जिम्मेदारी और माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना पैदा करना है. उनका मानना है कि सिर्फ समझाने से ज्यादा असर तब होता है, जब बच्चे खुद किसी चीज का अनुभव करते हैं.
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाइस अनोखे एक्सपेरिमेंट को लेकर इंटरनेट पर बहस शुरू हो गई है. कई लोगों ने स्कूल के इस तरीके की तारीफ की. कुछ पैरेंट्स का कहना है कि इससे बच्चों के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला और वे अब घरवालों की ज्यादा इज्जत करने लगे हैं. तो वहीं, कुछ लोग इस तरीके की आलोचना भी कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि असली बच्चे संभालना इससे कहीं ज्यादा मुश्किल होता है, क्योंकि डॉल न रोती है और न रातभर जगाती है. वहीं, कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि इस एक्सपेरिमेंट के बाद बच्चे भविष्य में माता-पिता बनने से ही डर जाएंगे.
फिलहाल, चीन के इस स्कूल का यह 'पैरेंटिंग टेस्ट' पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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