Egypt desert shark graveyard: इजिप्ट के वेस्टन रेगिस्तान (desert) में स्थित आबू तरतूर पठार (Abu-Tartur Plateau) पर वैज्ञानिकों को एक हैरान कर देने वाली सफलता हाथ लगी है. साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, काहिरा यूनिवर्सिटी (Cairo University) के जीवाश्म वैज्ञानिक तारेक यासीन (palaeontologist Tarek Yassin) के विजन में की गई इस रिसर्च में 14 नए शार्क के दांत मिले हैं. ये दांत क्रिटेशियस काल (Cretaceous period) के हैं, जो लगभग 145 से 66 मिलियन साल पुराना माना जाता है. उस दौर में ये पूरा इलाका पानी में डूबा हुआ था और यहां एक बेहद बड़े से समंदर की दुनिया फल-फूल रही थी.
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मिस्र में मिलीं 7 दुर्लभ शार्क प्रजातियां (Cretaceous period ocean Egypt)
काहिरा यूनिवर्सिटी के जीवाश्म वैज्ञानिकों ने चट्टानों से शार्क की 7 अलग-अलग प्रजातियों के दांत खोज निकाले हैं, जो इस बात का प्रूफ दे रहे हैं कि, ये इलाका कभी समुद्री जीवों के लिए 'स्वर्ग' जैसा हुआ करता था. खोज में मिलीं 5 शार्क प्रजातियां इस इलाके के लिए बिल्कुल नई हैं. इनमें से 'स्कापैनोरिंचस' नाम की शार्क के सुई जैसे नुकीले दांत मिले हैं, जो अफ्रीका में इस प्रजाति का पहला और सबसे नया रिकॉर्ड हो सकता है.

Photo Credit: Yassin et al., Cretac. Res., 2026
सुई जैसे नुकीले और आरी जैसे धारदार दांतों का रहस्य (Egypt ancient ocean discovery)
खोज में मिले इन दांतों की बनावट अलग-अलग तरह की है. कुछ दांत काटने के लिए आरी की तरह धारदार हैं, तो कुछ करमबित चाकू की तरह मुड़े हुए हैं. इससे पता चलता है कि ये सभी शार्क आपस में मुकाबला करने के बजाय अलग-अलग तरह के शिकार पर डिपेंड थीं. वैज्ञानिकों का मानना है कि, उस समय समंदर के नीचे के हिस्से से न्यूट्रिशन से भरपूर पानी ऊपर की ओर आता था. इस वजह से यहां बड़ी संख्या में छोटे जीव, प्लवक और मछलियां पनपती थीं, जिन्हें खाने के लिए शार्क जैसी बड़ी शिकारी प्रजातियां यहां खिंची चली आती थीं.
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