Bengaluru vs Gurgaon debate: जब भी भारत के आईटी हब्स की बात होती है, तो बेंगलुरु और गुड़गांव की तुलना अपने आप शुरू हो जाती है. कोई गुड़गांव की सड़कों और ऊंची बिल्डिंगस की तारीफ करता है, तो कोई बेंगलुरु के दिल खुश कर देने वाले मौसम और टेक कल्चर की तारीफें करते नहीं थकता, लेकिन अब इस बहस में एक नया मोड़ तब आया है, जब एक शख्स ने दावा किया है कि, 'इन दोनों शहरों की तुलना करना ही गलत है क्योंकि दोनों का अपना अलग ही मिजाज है.'
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दो बड़े शहरों की लाइफस्टाइल को लेकर बहस (Bengaluru vs Gurgaon Debate)
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मानिक वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए अपना एक्सपीरियंस बताया. वीडियो के जरिए उन्होंने बताया कि, 'अपने करियर की शुरुआत गुड़गांव से की थी और बाद में बेंगलुरु शिफ्ट हो गए.' मानिक के मुताबिक, 'गुड़गांव में रात 3 से 4 बजे तक चलने वाली पार्टी लाइफ काफी क्रेजी है, जो यूथ को काफी एट्रेक्ट करती है. वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में भले ही पार्टियां रात 12 बजे खत्म हो जाती हों, लेकिन वहां का कल्चरल एक्सपीरियंस कमाल का है.'
'बोलने से पहले खुद एक्सपीरियंस लें' (Experience Both Cities Before Deciding)
वीडियो में मानिक ने बताया कि, 'एक नार्थ इंडियन होने के नाते बेंगलुरु में ओणम सद्या जैसे साउथ इंडियन फेस्टिवल को सेलिब्रेट करना उनके लिए एक कमाल का एक्सपीरियंस रहा.' उनका मानना है कि, 'लोगों को दूसरों की सुनी-सुनाई बातों पर यकीन करने के बजाय मौका मिलने पर दोनों शहरों में रहकर देखना चाहिए.' सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स भी मानिक की बात से सहमत नजर आए. वहीं कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी एक्सपीरियंस शेयर करते हुए अपनी बात रखी.
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