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सूखती डेन्यूब नदी में डूबे हुए दूसरे विश्वयुद्ध के युद्धपोत, जिंदा गोला-बारूद और मैमथ के अवशेष मिले

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डेन्यूब नदी के सूखने के कारण दूसरे विश्व युद्ध के समय के कम से कम 20 मलबे दिखाई दे रहे हैं. उत्तरी बुल्गारिया में एक प्राचीन मैमथ के अवशेष मिले हैं.

सूखती डेन्यूब नदी में डूबे हुए दूसरे विश्वयुद्ध के युद्धपोत, जिंदा गोला-बारूद और मैमथ के अवशेष मिले
जंग लगा हुआ ढांचा और साथ ही टूटा हुआ मस्तूल भी दिखाई दे रहा है.
  • डेन्यूब नदी का जलस्तर यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे के कारण ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंचा
  • यहां द्वितीय विश्व युद्ध के जर्मन जहाजों के मलबे और जिंदा गोला-बारूद सामने आ रहे हैं
  • उत्तरी बुल्गारिया के रयाहोवो गांव में डेन्यूब नदी के किनारे प्राचीन मैमथ के अवशेष मिले हैं

पूरे यूरोप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लगातार सूखे की वजह से डेन्यूब नदी का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर आ गया है. हाल ही में, यह 1996 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर था. नदी के सूखने से जैविक कारकों पर असर पड़ा है और पूरे यूरोप में जलमार्ग भी प्रभावित हुए हैं. जैसे-जैसे महाद्वीप की प्रमुख नदियों में से एक सिकुड़ रही है, नदी की कीचड़ भरी तलहटी से इतिहास के लंबे समय से छिपे हुए अध्याय सामने आ रहे हैं.

किसका है गोला-बारूद

CBS न्यूज के अनुसार, सर्बियाई बंदरगाह प्राहोवो के पास एक जंग लगा हुआ जहाज का ढांचा और एक टूटा हुआ मस्तूल (जिस पर कभी नाजी झंडा फहराता था) दिखाई दिया. 1944 में, जब सोवियत सेनाएं आगे बढ़ रही थीं, तो पीछे हटते हुए जर्मन कमांडरों ने नदी के रास्ते को रोकने के लिए जानबूझकर अपने ही सैकड़ों जहाज डुबो दिए थे. सामने आए जहाजों के कई ढांचों में अभी भी टन भर जिंदा गोला-बारूद और बिना फटे तोप के गोले मौजूद हैं, जो स्थानीय मछुआरों और जहाज चलाने वालों के लिए सुरक्षा का गंभीर खतरा पैदा करते हैं.

लोगों में उत्सुकता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डेन्यूब नदी के सूखने के कारण दूसरे विश्व युद्ध के समय के कम से कम 20 मलबे दिखाई दे रहे हैं. रॉयटर्स ने BTA समाचार एजेंसी के हवाले से बताया है कि उत्तरी बुल्गारिया में एक प्राचीन मैमथ के अवशेष मिले हैं. ये अवशेष रयाहोवो गांव के एक निवासी को मिले. मीडिया आउटलेट के अनुसार, डेन्यूब नदी के किनारे रहने वाले इविका गैवरिलोविच ने कहा, "लोगों को अभी भी यह नहीं पता है कि उन जहाजों तक कैसे पहुंचा जाए." उन्होंने कहा कि लोगों को मलबे में दिलचस्पी तो है, लेकिन उन तक पहुंचना मुश्किल है.

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अवशेषों का मिलना महत्वपूर्ण

म्यूजियम के डायरेक्टर निकोले नेनोव ने BTA को बताया कि वहां भेजे गए विशेषज्ञों ने निचले जबड़े, दो दांतों और संभवतः मैमथ की पसली की पहचान की है. साथ ही, उन्होंने कहा कि इस खोज के मूल और उम्र का सही पता लगाने के लिए गुरुवार को हड्डियों को आगे की जांच के लिए वहां से हटाया जाएगा. रॉयटर्स के अनुसार, नेनोव ने कहा, "मैं इसे कोई सनसनीखेज घटना तो नहीं कहूंगा, लेकिन विज्ञान के लिए इतने पुराने अवशेषों की खोज बहुत महत्वपूर्ण है." नेनोव के मुताबिक, लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि यह जगह कभी दलदल हुआ करती थी, जहां शायद हजारों साल पहले उस जानवर की मौत हुई थी.

मैमथ कौन थे

आपको बता दें कि मैमथ हाथी के परिवार का एक विशालकाय और अब पूरी तरह से विलुप्त हो चुका स्तनधारी जीव था. ये आज के एशियाई और अफ्रीकी हाथियों से मिलते-जुलते थे, लेकिन इनका शरीर लंबे घने बालों (फर) और बाहर की ओर मुड़े हुए बेहद लंबे, घुमावदार दांतों से ढका होता था. जलवायु परिवर्तन और इंसानों द्वारा शिकार किए जाने के कारण ये आज से लगभग 4,000 से 10,000 साल पहले पृथ्वी से हमेशा के लिए समाप्त हो गए. ऊनी मैमथ ठंडे बर्फीले इलाकों, जैसे साइबेरिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के टुंड्रा क्षेत्रों में रहते थे.

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