- चीन ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी को ताकत का बेजा इस्तेमाल करार दिया
- रूस ने कहा कि इस मामले में भरोसे की जगह वैचारिक शत्रुता ने ले ली है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए घातक है
- ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने सफाई दी कि वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन में यूके किसी तरह से शामिल नहीं था
अमेरिकी सेना एक हैरतअंगेज मिशन के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलक मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अपने देश ले गई. अमेरिका ने मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाने का ऐलान किया है और बताया है कि उनके खिलाफ नार्को टेररिज्म, कोकीन तस्करी की साजिश और विनाशकारी हथियार रखने जैसे आरोपों में अमेरिकी धरती पर, अमेरिका के खिलाफ अपराधों के लिए, अमेरिकी तरीके से इंसाफ किया जाएगा. अमेरिका के इस कदम पर दुनिया के तमाम देशों ने अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दी है.
चीन - यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला
चीन के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर गहरी हैरानी जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. चीन ने इसे एक संप्रभु देश के खिलाफ ताकत का घोर इस्तेमाल और अमेरिका की आधिपत्यवादी हरकत करार दिया है. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन है, जो लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई इलाके की शांति व सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है. चीन ने अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने और दूसरे देशों की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद करने की मांग की है.
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अमेरिकी कार्रवाई वैचारिक दुश्मनी का नतीजाः रूस
रूसी विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बेहद चिंताजनक और निंदनीय बताया. बयान में कहा कि अमेरिका जो तर्क देकर अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहा है, वो पूरी तरह से खोखले और निराधार हैं. इस मामले में व्यावहारिक सोच और आपसी भरोसे की जगह वैचारिक शत्रुता ने ले ली है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए घातक है. रूस ने कहा कि लैटिन अमेरिका को शांतिपूर्ण क्षेत्र बने रहने देना चाहिए. वेनेजुएला को बाहरी दखल के बिना अपना भविष्य खुद तय करने का संप्रभु अधिकार मिलना चाहिए. रूस ने वेनेजुएला की जनता और वहां के बोलिवेरियन नेतृत्व के साथ पूरी मजबूती से खड़े होने की बात कही है.
ये भी देखें- नार्को टेररिज्म, ड्रग्स तस्करी और तेल... वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की 5 सबसे बड़ी वजहें
वेनेजुएला - यूएन चार्टर का सीधा उल्लंघन
अमेरिकी हमलों के बाद वेनेजुएला ने आधिकारिक बयान जारी करके ट्रंप सरकार की कड़ी आलोचना की और उस पर बेहद गंभीर सैन्य हमला करने का आरोप लगाया. वेनेजुएला सरकार ने बयान में कहा कि ये हमला वेनेजुएला के रणनीतिक संसाधनों, खासकर उसके तेल और खनिजों पर कब्जा करने और देश की राजनीतिक आजादी को खत्म करने की कोशिश जैसा लग रहा है. वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी हमले को यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया और कहा कि वो कामयाब नहीं होंगे. आजादी के 200 साल से ज्यादा समय के बाद भी लोग और उनकी जायज सरकार संप्रभुता और अपनी किस्मत खुद तय करने के जरूरी अधिकार की रक्षा के लिए पूरी तरह डटे हुए हैं.
यूरोपीय काउंसिल ने तनाव घटाने की अपील की
यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने वेनेजुएला की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तनाव घटाने की अपील की. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (EU) इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन चाहता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संगठन वेनेजुएला में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समावेशी समाधान का समर्थन जारी रखेगा.
क्यूबा ने कहा, ये 'सरकारी आतंकवाद'
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कानेल ने वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को आपराधिक हमला बताते हुए कड़ी निंदा की. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि लैटिन अमेरिका पर बेरहमी से हमला किया जा रहा है. यह वेनेजुएला के बहादुर लोगों के खिलाफ "सरकारी आतंकवाद" है. उन्होंने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कदम उठाने की मांग की. क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को "कायरतापूर्ण" बताया.
ईरान बोला, ये वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन
ईरान के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन करार दिया. आधिकारिक बयान में ईरान ने इस हमले को "आक्रामक हरकत" बताया और कहा कि यह यूएन चार्टर के मूलभूत सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है. ऐसी सैन्य कार्रवाइयां वैश्विक नियमों की अनदेखी करती हैं और शांति के लिए खतरा हैं.
ब्राजील ने बताया बेहद खतरनाक मिसाल
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी कार्रवाई को बेहद खतरनाक मिसाल करार दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वेनेजुएला की धरती पर हमले और उसके राष्ट्रपति की गिरफ्तारी ने एक ऐसी रेखा पार कर ली है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है. यह हरकत वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर अपमान है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक गलत संदेश देती है. लूला ने इस सैन्य कार्रवाई को वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बताया.
चिली ने की बातचीत से समाधान की वकालत
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के मानवाधिकार रिकॉर्डों की आलोचना कर चुके चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने इस बार अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध किया है. उन्होंने साफ कहा कि वेनेजुएला के संकट का समाधान केवल आपसी बातचीत और बहुपक्षवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए, न कि हिंसा या विदेशी हस्तक्षेप से.
स्पेन की मध्यस्थता की पेशकश, शांतिपूर्ण हल पर जोर
वेनेजुएला की राजधानी पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद पैदा हुए संकट के बीच स्पेन ने मध्यस्थता की पेशकश की है. स्पेन के विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्पेन इस संकट का शांतिपूर्ण वार्ता से समाधान निकालने के लिए अपने गुड ऑफिस की पेशकश के लिए तैयार है. सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक रास्ता अपनाना ही इस वक्त सबसे बड़ी जरूरत है ताकि क्षेत्र में अस्थिरता फैलने से रोकी जा सके.
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