तुर्की के तट पर काम कर रहे पुरातत्वविदों को लगभग 4,700 साल पुराना एक डूबा हुआ जहाज मिला है. इस तरह यह दुनिया में अबतक मिला सबसे पुराना जहाज का मलबा है. बुधवार, 14 अक्टूबर को तुर्की के संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान जारी करके बताया कि दक्षिणी तुर्की के तट के पास केकोवा द्वीप के निकट लगभग 100 फीट की गहराई पर मिले जहाज के मलबे की खुदाई के दौरान, 'एम्फोरा' कहे जाने वाले कई प्राचीन सामान ले जाने के उपयोग में आने वाले पात्र मिले हैं. ये एम्फोरा 4,400-4,700 साल पुराने हैं और इनसे समुद्री इतिहास, उस समय के नाविकों के दैनिक जीवन तथा उस समय के व्यापारिक संबंधों के बारे में नई जानकारी मिलेगी.

एक गोताखोर तुर्की के तट के पास खोज करता हुआ, जहां पुरातत्वविदों का कहना है कि दुनिया का सबसे पुराना जहाज का मलबा मिला है (फोटो- हाकान ओनिज)
क्यों खास है यह खोज
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार माना जाता है कि इन बर्तनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से जैतून का तेल (ऑलिव ऑयल) या वाइन ले जाने के लिए किया जाता था. एक खास बात और है कि एक बर्तन (एम्फोरा) पर कुछ खास रहस्मयी चिन्ह हैं और उसमें दो छेद भी हैं, जिससे पता चलता है कि इसका इस्तेमाल शायद पनीर या मक्खन बनाने के लिए किया गया होगा.
रिसर्चर्स का कहना है कि इस बर्तन के मिलने का मतलब यह हो सकता है कि नाविक अपनी समुद्री यात्राओं के दौरान बकरियों को साथ ले जाते थे और उनके दूध से डेयरी प्रोडक्ट बनाते थे. इस समुद्री खोज को अंताल्या की अकदेनिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हाकान ओनिज ने लीड किया. उन्होंने CNN को बताया कि जहाज के मलबे का पता सबसे पहले चार साल पहले चला था.
The oldest shipwreck in the world has just been found. Just off the shore of Kekova Island in Antalya, Turkey. It is believed to be nearly 5,000 years old. Not much of the wooden structure remains, but three large stone anchors were found, as well as more than 30 ceramic storage pots, called amphorae. And this finding raises an interesting question… 1/2
— Chris Costin (@TheChrisCostin) October 14, 2026
कैसे पता चला यह दुनिया में सबसे पुराना है?
शुरुआत में ऐसा माना गया था कि ये एम्फोरा (प्राचीन पात्र) काफी बाद के समय के हैं, लेकिन फिर ओनिज ने मिस्र में गीज़ा के पिरामिडों के पास मिले एम्फोरा के बारे में एक लेख पढ़ा. माना जाता है कि उनमें से सबसे पुराना पिरामिड उसी समय बन रहा था, जब वह जहाज डूबा था. ओनिज ने बुधवार को CNN को बताया, "ये हमारे जहाज के मलबे में मिले एम्फोरा से मिलते-जुलते थे." उन्होंने आगे कहा कि शोधकर्ताओं की एक टीम ने उस जगह पर दोबारा गोता लगाकर जांच की.

जहाज के मलबे के अंदर मिले प्राचीन पात्र (फोटो- स्क्रीनशॉट)
इसके बाद उन्होंने एम्फोरा की जानी-मानी एक्सपर्ट और ऑस्ट्रेलियाई पुरातत्वविद् कैरिन सोवाडा को जहाज के मलबे को देखने और सबूतों की जांच करने के लिए बुलाया. ओनिज ने कहा, "हम एक राय पर पहुंचे और आगे की जांच शुरू की." उन्होंने यह भी कहा कि टीम को काफी हद तक यकीन है कि यह दुनिया का सबसे पुराना जहाज का मलबा है. उन्होंने कहा, "सिर्फ एम्फोरा ही नहीं, बल्कि मलबे वाली जगह पर मिले लंगर और दूसरी चीजें भी उसी सदी की ओर इशारा करती हैं."
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