- भारतीय मूल की नित्या रमन लॉस एंजिलिस में इतिहास रचने के करीब
- केरल से अमेरिका तक का सफर, अब लॉस एंजिलिस की मेयर बन सकती हैं नित्या रमन
- करेन बैस को कड़ी टक्कर दे रहीं नित्या रमन, सर्वे में आगे
अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिलिस के मेयर चुनाव में भारतीय मूल की नित्या रमन सुर्खियों में हैं. केरल में जन्मीं नित्या रमन हालिया सर्वेक्षणों में मौजूदा मेयर करेन बैस से बढ़त बनाए हुए हैं और यदि 3 नवंबर को होने वाले चुनाव में जीत दर्ज करती हैं तो वह लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बन जाएंगी. चुनाव से पहले हुई टेलीविजन बहस में नित्या रमन ने शहर में बढ़ती बेघर आबादी, प्रशासनिक चुनौतियों और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दों पर करेन बैस को घेरने की कोशिश की.
मेयर चुनाव में करेन बैस को कड़ी टक्कर
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक लॉस एंजिलिस मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की दो प्रमुख नेताओं, मौजूदा मेयर करेन बैस और सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है. मंगलवार रात आयोजित टेलीविजन डिबेट में दोनों नेताओं के बीच बेघर लोगों की बढ़ती संख्या, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर तीखी नोकझोंक हुई. 45 वर्षीय नित्या रमन ने आरोप लगाया कि शहर प्रशासन पिछले कुछ वर्षों में लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया है. वहीं 73 वर्षीय करेन बैस ने रमन को अनुभवहीन बताते हुए कहा कि वे शहर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए अभी तैयार नहीं हैं.
In a city of 3.9 million people, you shouldn't need the mayor's cell phone number to get help. Did the residents of Boyle Heights have your number, Karen? https://t.co/KaGMaZ7s3U
— Nithya Raman (@nithyavraman) October 14, 2026
नित्या रमन ने मेयर बैस पर साधा निशाना
टीवी डिबेट के दौरान नित्या रमन ने कहा कि लॉस एंजिलिस अब और चार साल तक गिरते प्रशासन, कुप्रबंधन और बहानों का बोझ नहीं उठा सकता. उन्होंने अमेरिकी राजनीति की चर्चित पंक्ति का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं से सवाल किया, 'क्या आप आज चार साल पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं?'
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मेयर बनने का मौका मिला तो लोगों को यह नहीं पूछना पड़ेगा कि उनका मेयर कहां है, क्योंकि वह अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहेंगी.
सर्वे में 11 अंकों की बढ़त
चुनाव से पहले हुए एक सर्वेक्षण में नित्या रमन को करेन बैस पर बढ़त मिलती दिखाई दी है. सर्वे के अनुसार 39 प्रतिशत मतदाता नित्या रमन का समर्थन कर रहे थे, जबकि 28 प्रतिशत मतदाता करेन बैस के पक्ष में थे. हालांकि बड़ी संख्या में मतदाता अभी भी निर्णय नहीं ले पाए हैं. चुनावी पूर्वानुमान प्लेटफॉर्म के आंकड़ों में भी नित्या रमन को बढ़त मिलने की संभावना जताई गई है.
बेघर लोगों की समस्या बना बड़ा चुनावी मुद्दा
नित्या रमन ने चुनाव प्रचार के दौरान लॉस एंजिलिस में बढ़ती बेघर आबादी को प्रमुख मुद्दा बनाया है. उन्होंने दावा किया कि करोड़ों डॉलर खर्च किए जाने के बावजूद शहर में बेघर लोगों की समस्या बनी हुई है. रमन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता ऐसा शहर बनाना है जो बेहतर ढंग से संचालित हो, लोगों के लिए किफायती हो और जहां लोग अपने सपनों को फिर से साकार कर सकें.
केरल से अमेरिका तक का सफर
नित्या रमन का जन्म 28 जुलाई 1981 को केरल में हुआ था. जब वह छह वर्ष की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका के लुइसियाना राज्य में जाकर बस गया. उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल थ्योरी में स्नातक की पढ़ाई की और बाद में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से शहरी नियोजन में मास्टर डिग्री प्राप्त की. राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने शहरी विकास और आवासीय नीतियों से जुड़े मुद्दों पर काम किया. वह पिछले छह वर्षों से लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल की सदस्य हैं और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट आंदोलन से भी जुड़ी रही हैं.
इतिहास रचने के करीब नित्या रमन
3 नवंबर को होने वाले चुनाव में यदि नित्या रमन जीत दर्ज करती हैं, तो वह लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बन जाएंगी. भारतीय मूल की इस नेता की दावेदारी पर न केवल अमेरिका बल्कि भारतीय समुदाय की भी नजरें टिकी हुई हैं. चुनावी मुकाबले में फिलहाल उनकी बढ़त ने इस चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना दिया है.
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