विज्ञापन

ट्रंप की चुनावी हार पर जेलेंस्की, मोजतबा और किम की बहन का आया रिएक्शन; बाकी देशों ने भी दिए बयान

किम की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को संकेत दिया कि वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत करने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्योंगयांग को ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठने की कोई जरूरत नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति के रूप में ताकत इस चुनाव के बाद बहुत कम हो गई है. (फोटो-AFP)
  • अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है
  • जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का मानना है कि इस हार के बाद भी कुछ भी नहीं बदलेगा
  • स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने दक्षिणपंथी विचारधारा के कमजोर पड़ने की संभावना जताई

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन मिडटर्म चुनावों में बुरी तरह हार गई है. स्थिति ये हो गई है कि दोनों सदनों में विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट का कब्जा हो गया है. जाहिर है अब ट्रंप का हर फैसला डेमोक्रेट की मर्जी पर निर्भर होगा. इस बदली स्थिति ने अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया में नये सत्ता संतुलन खड़े कर दिए हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस पर बयान जारी किए हैं.  

जर्मनी का बयान पढ़िए

  • जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ को इस बात पर संदेह है कि हालात बदलेंगे. उन्होंने कहा, "साफ कहूं तो, पिछले दो सालों में ट्रंप ने काफी हद तक कांग्रेस को दरकिनार करके शासन चलाया है. अब इसमें क्या अलग होगा? उन्होंने ज्यादातर समय कार्यकारी आदेशों (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स) के जरिए काम किया है, और आगे भी वे इसी तरीके को अपनाते रहेंगे."
  • वहीं जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मध्य पूर्व और यूक्रेन में चल रहे युद्धों को खत्म करने के लिए नई पहल देखने को मिलेगी. वाडेफुल ने कहा, "कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत होने के कारण, डेमोक्रेटिक पार्टी संभवतः अमेरिका की राजनीतिक दिशा बदलने की कोशिश करेगी." उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच सहयोग से, विवादों को सुलझाने के लिए एक नई पहल शुरू करने का नया अवसर मिल सकता है.

स्पेन ने खुलकर खुशी मनाई 

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि ट्रंप की हार से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर 'सुदूर-दक्षिणपंथी' विचारधारा कमजोर पड़ रही है. इस महीने के आखिर में होने वाले चुनावों के मद्देनजर, समाजवादी नेता ने कहा, "ऐसा ब्राजील में हुआ. अभी अमेरिका में हुआ. और जल्द ही स्पेन में भी होगा." उन्होंने आगे कहा कि 'सुदूर-दक्षिणपंथी' लहर "अब और नहीं बढ़ रही है, बल्कि बिखर रही है."

Latest and Breaking News on NDTV

रूस ने दिया सधा बयान  

क्रेमलिन ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि मध्यावधि चुनावों के बाद भी ट्रंप अपनी "शांति स्थापना की कोशिशें" जारी रखेंगे. प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना जारी रखे हुए हैं. हमें पूरी उम्मीद है कि वह शांति स्थापना की अपनी कोशिशें भी जारी रखेंगे."

दक्षिण अफ्रीका को दिखी नई उम्मीद

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि इस नतीजे से प्रिटोरिया और वाशिंगटन के बीच तनावपूर्ण संबंधों में सुधार आ सकता है. उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि द्विपक्षीय स्तर पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनेगी, जिससे हमें भू-राजनीति, व्यापार और निवेश के मामलों में आगे बढ़ने का एक सही रास्ता मिल सकेगा." उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह नतीजा वैश्विक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत करेगा.

यूरोपीय संघ ने दी नसीहत 

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने उम्मीद जताई है कि नई अमेरिकी कांग्रेस यूक्रेन का समर्थन करेगी और रूस पर दबाव बढ़ाएगी. उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि नई कांग्रेस... यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेगी और रूस पर और अधिक दबाव डालेगी." उन्होंने आगे कहा कि मॉस्को को अपना युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर करने के मामले में, यूरोप और अमेरिका "एक साथ मिलकर कहीं अधिक मजबूत हैं."

ब्रिटेन ने एकजुट होने की अपील की

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि यह नतीजा दुनिया के लिए एक मौका है कि वह जीवन-यापन की लागत से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए एकजुट हो. बर्नहम ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार कर लिया है, और मुझे लगता है कि अब दुनिया के पास उस मुद्दे पर एकजुट होने का मौका है जो हम सभी को प्रभावित कर रहा है - और वह है जीवन-यापन की लागत."

मोजतबा खामेनेई का बयान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने इस संभावना को खारिज कर दिया कि इस्लामी गणराज्य के प्रति अमेरिका के रुख में कोई बड़ा बदलाव आएगा. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "अगर अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें इस व्यवस्था (अमेरिकी प्रभुत्व वाली व्यवस्था) के व्यवहार में बदलाव की थोड़ी सी भी उम्मीद है, या जो सोचते हैं कि अमेरिका को रियायतें देकर वे उसे ईरान के प्रति अपनी दुश्मनी छोड़ने के लिए मना सकते हैं, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं."

Latest and Breaking News on NDTV

जेलेंस्की को मिली नई ताकत

बुधवार देर रात प्रसारित एक साक्षात्कार में, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने जर्मन प्रसारक ZDF से कहा, "अब जब शक्ति का यह संतुलन बन गया है, तो उम्मीद है कि हमें और अधिक समर्थन मिलेगा." जेलेंस्की ने कहा कि अगर अमेरिकी कांग्रेस मजबूत वित्तीय या सैन्य सहायता देने की बात करती है, तो इसका पुतिन पर असर पड़ेगा. और पुतिन सोचेंगे कि क्या लड़ाई जारी रखने का कोई मतलब है, जब समर्थन और बढ़ता ही जाएगा. तार्किक रूप से, इससे हम संभावित बातचीत और शांति की ओर बढ़ सकते हैं."

किम की बहन का बयान

किम की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को संकेत दिया कि वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत करने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्योंगयांग को ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, "शांति के विकल्प में बेशक बातचीत शामिल है, लेकिन हमारे लिए इसे राष्ट्रीय हितों के बराबर नहीं माना जा सकता."

यह भी पढ़ें | अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बनने के लिए क्या ट्रंप से 'बागी' हो गए जेडी वेंस?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Donald Trump, US Election Result 2026, World Leaders Reaction
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com