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कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति? रूस प्रतिबंध बिल के समर्थन में वोट देने वाले इकलौते भारतीय-अमेरिकी सांसद बने

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रूस प्रतिबंध विधेयक पर मतदान के दौरान राजा कृष्णमूर्ति समर्थन करने वाले इकलौते भारतीय-अमेरिकी सांसद रहे. बिल में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है.

कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति? रूस प्रतिबंध बिल के समर्थन में वोट देने वाले इकलौते भारतीय-अमेरिकी सांसद बने
रूस प्रतिबंध बिल पर डेमोक्रेटिक पार्टी से अलग चले राजा कृष्णमूर्ति, समर्थन करने वाले अकेले भारतीय-अमेरिकी सांसद
Raja Krishnamoorthi X Account
  • रूस प्रतिबंध बिल पर डेमोक्रेट पार्टी से अलग हुए राजा कृष्णमूर्ति
  • भारतीय मूल के 6 सांसदों में सिर्फ राजा कृष्णमूर्ति ने किया बिल का समर्थन
  • रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर है 100% टैरिफ का प्रस्ताव
वाशिंगटन:

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक पर मतदान के दौरान भारतीय मूल के सांसदों के बीच मतभेद देखने को मिले. इलिनॉय से सांसद राजा कृष्णमूर्ति इस बिल के समर्थन में वोट देने वाले एकमात्र भारतीय-अमेरिकी सांसद रहे. यह विधेयक रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान रखता है, जिससे भारत और चीन जैसे देशों पर भी असर पड़ सकता है. वहीं अन्य पांच भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने डेमोक्रेटिक पार्टी के रुख के अनुसार इस बिल का विरोध किया.

प्रतिनिधि सभा में पास हुआ प्रतिबंध विधेयक

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एंड ईरान एक्ट को 262-159 मतों से पारित कर दिया. विधेयक में रूस के ऊर्जा क्षेत्र से व्यापार करने वाले बड़े खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है. इसे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

अमेरिकी सांसद राजा कृष्णामूर्ति

अमेरिकी सांसद राजा कृष्णामूर्ति
Photo Credit: @CongressmanRaja

राजा कृष्णमूर्ति ने किया समर्थन

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इलिनॉय से कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने वाले एकमात्र भारतीय-अमेरिकी सांसद रहे. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कुल छह भारतीय मूल के सांसद हैं और सभी डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं. इसके बावजूद कृष्णमूर्ति ने पार्टी लाइन से अलग जाकर बिल का समर्थन किया. कृष्णमूर्ति मार्च में अमेरिकी सीनेट की प्राथमिक चुनावी दौड़ में शामिल हुए थे, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली. वह अगले वर्ष जनवरी में प्रतिनिधि सभा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

अन्य भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने किया विरोध

डेमोक्रेटिक पार्टी के रुख का पालन करते हुए भारतीय मूल के अन्य सांसद रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, एमी बेरा, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम ने इस विधेयक के खिलाफ मतदान किया. इन सांसदों ने उस बिल का समर्थन नहीं किया, जिसमें रूस पर प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका द्वारा रूस से यूरेनियम खरीद को छूट देने का प्रावधान रखा गया है.

कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति?

कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति?
Photo Credit: Raja Krishnamoorthi Social Media Page

यूक्रेन के समर्थन में मुखर रहे कृष्णमूर्ति

मतदान से पहले राजा कृष्णमूर्ति ने यूक्रेनी समुदाय से जुड़े एक समर्थन समूह के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की थी. मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोग अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए साहसपूर्वक संघर्ष कर रहे हैं और अमेरिका को उनके साथ खड़ा रहना चाहिए. उन्होंने इलिनॉय के यूक्रेनी समुदाय का आभार भी व्यक्त किया, जिन्होंने यूक्रेन के समर्थन को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं.

भारतीय-अमेरिकी समुदाय में सक्रिय भूमिका

राजा कृष्णमूर्ति उन भारतीय-अमेरिकी नेताओं में गिने जाते हैं जो प्रवासी भारतीय समुदाय को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते रहे हैं. वह अक्सर भारतीय मूल के युवाओं और समुदाय के लोगों से सार्वजनिक पदों के लिए चुनाव लड़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील करते रहे हैं.

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