- अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपने जहाजों को पूरी तैयारी के साथ तैनात किया है
- ईरान के सुप्रीम लीडर ने इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ पर एकजुटता और विरोधियों को निराश करने का आह्वान किया
- ईरान ने परमाणु हथियारों के लिए संवर्धित यूरेनियम कम करने की तैयारी जताई है, बशर्ते अमेरिका प्रतिबंध हटा दे
खाड़ी में अमेरिका ने अपने खतरनाक जहाजों को तैयार कर रखा है. प्रेसीडेंट ट्रंप के एक आदेश पर वो आग उगल देंगे. निशाने पर ईरान है. ईरान का आरोप है कि व्हाइट हाऊस की पहले योजना थी कि ईरान में सत्ता परिवर्तन करा दिया जाए मगर ये हो नहीं पाया. ईरान में महंगाई को लेकर चल रहे प्रदर्शन अब थमने लगे हैं. अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों को टारगेट नहीं करने की धमकी दी तो ईरान भी पीछे हटा और प्रदर्शनकारियों की फांसी टल गई. अमेरिका नरम पड़ा और ईरान को डील दी कि परमाणु हथियारों को बनाने में सबसे जरूरी यूरोनियम को कम करने पर राजी हो. ईरान ने बात तो की पर बात बनी नहीं.
ईरान के सुप्रीम लीडर ने फिर दी धमकी
अब अमेरिका से बढ़ते तनाव और बातचीत के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने ईरानियों से खास अपील की है. 1979 की इस्लामिक क्रांति की 47वीं सालगिरह से पहले एकजुटता दिखाने और "दुश्मन को निराश करने" की अपील की. टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में, खामेनेई ने कहा कि राष्ट्रीय शक्ति मिसाइलों और विमानों जैसे मिलिट्री हार्डवेयर के बजाय "दृढ़ संकल्प और मुंह तोड़ जवाब देने" पर ज्यादा निर्भर करती है. उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब ईरान इस्लामिक क्रांति की जीत का जश्न मनाने के लिए बुधवार को देश भर में रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रहा है.

धमकी देने का मकसद क्या
खामेनेई ने कहा, "जब तक दुश्मन निराश नहीं होता, एक राष्ट्र उत्पीड़न का शिकार होता है." सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने ईरानी सुप्रीम लीडर के हवाले से बताया कि "दुश्मन को निराश होना ही होगा." उन्होंने सालाना मार्च को सम्मान का प्रदर्शन बताया, जो विदेशी शक्तियों को ईरानी मामलों में दखल देने की महत्वाकांक्षाओं से "पीछे हटने" के लिए मजबूर करता है. मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य जमावड़े और तेहरान के खिलाफ लगातार धमकियों के बीच खामेनेई के ये शब्द यूएस के साथ बढ़े तनाव को दर्शाते हैं. शुक्रवार को ओमान के मस्कट में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के बावजूद तल्खी बरकरार है, जिससे समझौते की संभावना अनिश्चित बनी हुई है. खामेनेई ने उम्मीद जताई कि इस साल की वर्षगांठ "अन्य राष्ट्रों, सरकारों और शक्तियों को ईरानी लोगों के प्रति विनम्रता और सम्मान दिखाने" के लिए मजबूर करेगी. जाहिर है खामेनेई अपने इन भाषणों के जरिए ईरान की जनता को एकजुट करना चाह रहे हैं और खुद को ताकतवर दिखाना चाहते हैं.
ईरान डील को तैयार पर चाहिए ज्यादा छूट
ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को कम करने के लिए तैयार है, बशर्ते संयुक्त राज्य अमेरिका उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटा ले. यह बात सोमवार को वाशिंगटन के साथ वार्ता पुनः शुरू होने के बाद ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने कही. आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने एजेंसी प्रमुख मोहम्मद इस्लामी के हवाले से बताया, "अंत में, 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को कम करने की संभावना के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में... परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि बदले में सभी प्रतिबंध हटाए जाते हैं या नहीं." हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसमें ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध शामिल हैं या केवल संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध.

कितना कम करना होगा
यूरेनियम को कम करने का अर्थ है संवर्धन स्तर को कम करने के लिए इसे मिश्रित सामग्री के साथ मिलाना, ताकि अंतिम उत्पाद एक निर्धारित संवर्धन सीमा से अधिक न हो. पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमले से पहले, ईरान 60 प्रतिशत तक यूरेनियम का संवर्धन कर रहा था, जो 2015 में विश्व शक्तियों के साथ हुए अब समाप्त हो चुके परमाणु समझौते के तहत अनुमत 3.67 प्रतिशत की सीमा से कहीं अधिक था.
ओमान में हो सकती है डील
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) के सचिव अली लारीजानी मंगलवार को ओमान की राजधानी मस्कट में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. यह जानकारी एसएनएससी से संबद्ध नूर न्यूज ने दी है. सोमवार को समाचार एजेंसी ने बताया कि लारीजानी ओमान के उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे.
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह दौरा ओमान द्वारा शुक्रवार को ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता की मेजबानी और मध्यस्थता के बाद हो रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ओमान को भविष्य की वार्ताओं के लिए एक संभावित स्थल माना जा रहा है.
रविवार को तेहरान में एक संवाददाता सम्मेलन में, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि परमाणु वार्ता के अगले दौर की तिथि और स्थान ओमान के साथ परामर्श के माध्यम से निर्धारित किए जाएंगे. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने रविवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हाल ही में हुई अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता को "एक कदम आगे" बताया, जबकि वाशिंगटन ने नए प्रतिबंधों और टैरिफ की धमकियों के साथ तेहरान पर आर्थिक शिकंजा कसने की कोशिश की. कुल मिलाकर आपको समझ आ गया होगा कि ईरान अमेरिका के साथ डील करने को बेकरार है, बस अगर इस बीच दोनों देशों की तरफ से कोई गलत आकलन नहीं हुआ तो युद्ध की आशंका नहीं के बराबर ही है.
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