आधे से अधिक अमेरिकी मानते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विदेशों में सैन्य हस्तक्षेप के मामले में बहुत आगे बढ़ गए हैं और उन्होंने अपनी सीमाओं का उल्लंघन किया है. द एसोसिएटेड प्रेस-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च (AP-NORC) के ताजा सर्वे में 56 प्रतिशत अमेरिकी वयस्कों ने यह राय जाहिर की है. ये सर्वे ऐसे समय सामने आया है, जब ट्रंप वेनेजुएला में तेल पर कंट्रोल करने, ग्रीनलैंड को हथियाने की धमकी और ईरान के प्रदर्शनकारियों की मदद करने जैसे बयान दे रहे हैं.
वेनेजुएला में ट्रंप की कार्रवाई से नाखुश
यह सर्वे 8 से 11 जनवरी के बीच किया गया, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में कार्रवाई करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा था. सर्वे के नतीजे दिखाते हैं कि अधिकांश अमेरिकी न सिर्फ वेनेजुएला में ट्रंप की कार्रवाई से नाखुश हैं बल्कि उनकी पूरी विदेश नीति को भी पसंद नहीं कर रहे हैं. लगभग 61 प्रतिशत लोगों ने ट्रंप की विदेश नीति के प्रति अपनी असहमति जताई है.
सैन्य हस्तक्षेप पर क्या सोचते हैं अमेरिकी?
- हदों का उल्लंघन: सर्वे में शामिल 56% अमेरिकी वयस्कों का मानना है कि ट्रंप ने दूसरे देशों के मामलों में अमेरिकी सेना का उपयोग करके अपनी मर्यादा और सीमाओं को पार कर दिया है.
- विदेशी नीति: लगभग 61% अमेरिकी ट्रंप की समग्र विदेश नीति को नापसंद करते हैं. विशेष रूप से वेनेजुएला के मामले में 57% लोग उनके फैसलों से असहमत दिखे.
- सर्वेक्षण में राजनीतिक आधार पर भी बड़ा अंतर देखने को मिला है. जहां 10 में से 9 डेमोक्रेट्स और लगभग 60 प्रतिशत निर्दलीय नागरिकों का मानना है कि ट्रंप ने सैन्य हस्तक्षेप के मामले में हद पार कर दी है.
- करीब 71 प्रतिशत रिपब्लिकंस का मानना है कि ट्रंप की कार्रवाई बिल्कुल सही है. हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 10% ही चाहते हैं कि ट्रंप इस दिशा में और अधिक आक्रामक कदम उठाएं.
वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई कितनी फायदेमंद?
वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप के फायदों को लेकर भी जनता की मिली-जुली राय सामने आई है. लगभग 50% अमेरिकियों को लगता है कि वेनेजुएला में हस्तक्षेप से अमेरिका में होने वाली अवैध नशीली दवाओं की तस्करी रुकेगी. करीब 44% लोगों का मानना है कि पिछले एक दशक से तानाशाही झेल रही वेनेजुएला की जनता के लिए अमेरिका का यह कदम फायदेमंद साबित होगा. हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर जनता बंटी हुई है. बहुत कम लोगों का मानना है कि इस सैन्य दखल से अमेरिका की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
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'दुनिया की समस्याएं सुलझाने में कम दखल दें'
सर्वे में वैश्विक भूमिका पर भी अमेरिकियों का नजरिया जाना गया है. पोल के नतीजे यह संकेत देते हैं कि अमेरिकी जनता अब वैश्विक मामलों में अपनी भूमिका को कम करना चाहती है. सर्वे में शामिल लगभग आधे अमेरिकियों ने इच्छा जताई कि अमेरिका को दुनिया की समस्याओं को सुलझाने में "कम सक्रिय" भूमिका निभानी चाहिए. केवल 20 प्रतिशत लोग ही वैश्विक मामलों में अधिक भागीदारी के पक्ष में हैं.
सर्वे में ट्रंप के उन बयानों पर भी लोगों की राय पूछी गई, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को हर मुमकिन तरीके से हासिल करने की बात कही है और ईरान के प्रदर्शनकारियों की मदद का दावा किया है. अमेरिकी जनता इन बयानों को भी ट्रंप की 'अति आक्रामक' विदेश नीति का हिस्सा मान रही है.
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