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This Article is From Jan 23, 2026

दावोस 2026 का निचोड़ क्या रहा? कूटनीति से लेकर अर्थनीति और AI ने कैसे चौंकाया, जानें सबकुछ

दावोस में दुनिया के सबसे ताकतवर नेता, उद्योगपति, सेंट्रल बैंकों के प्रमुख और नीति-निर्माता इकट्ठा हुए और देश-दुनिया की आर्थिक, कूटनीतिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों पर मंथन किया. हालांकि अमेरिका और यूरोप की अनबन मीडिया में छाई रही.

दावोस 2026 का निचोड़ क्या रहा? कूटनीति से लेकर अर्थनीति और AI ने कैसे चौंकाया, जानें सबकुछ
  • दावोस में ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा की और गाजा पुनर्निर्माण के लिए बड़ी आर्थिक योजना पेश की
  • एलन मस्क ने कहा कि एआई जल्द ही इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान हो जाएगा और रोबोट काम को आसान बनाएंगे
  • महाराष्ट्र और केरल ने दावोस में बड़े निवेश समझौते किए, जिससे लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद बढ़ी

दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की 5 दिवसीय वार्षिक बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई. दुनिया के सबसे ताकतवर नेता, बड़े उद्योगपति, सेंट्रल बैंकों के प्रमुख और नीति-निर्माता एक जगह इकट्ठा हुए और देश-दुनिया की आर्थिक, कूटनीतिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों पर विचार मंथन किया. हालांकि इस दौरान अमेरिका और यूरोप के बीच अनबन मीडिया में छाई रही. दावोस के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस जैसी बड़ी पहल करते हुए कई अहम संदेश दिए. आइए बताते हैं, दावोस 2026 का निचोड़ क्या रहा. 

AI से व्हाइट कॉलर जॉब्स पर बड़ा खतरा, बिल गेट्स ने चेताया

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने दावोस में NDTV से बातचीत में चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के रूप में अगले 4–5 साल में व्हाइट कॉलर नौकरियों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और सरकारें इसके लिए तैयार नहीं हैं. इसका असर ब्लू कॉलर सेक्टर पर भी असर दिखेगा. उन्होंने कहा कि एआई नौकरी बाजार को उम्मीद से ज्यादा तेज़ी से बदलने वाला है और तैयारी के लिए समय बहुत कम बचा है. सरकारों को बराबरी और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना होगा. गेट्स ने माना कि एआई कई बड़ी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. बीमारियों की पहचान, शिक्षा और रिसर्च में भी मददगार हो सकता है. लेकिन अगर इस बदलाव को सही से नहीं संभाला गया तो कामकाज, भर्तियों और आर्थिक असमानता पर इसका बड़ा असर पड़ेगा. 

AI को लेकर एलन मस्क ने की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

टेस्ला के मालिक और दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क ने दावोस में एआई को लेकर चौंकाने वाली भविष्यवाणी की. उन्होंने कहा कि इसी साल या अगले साल की शुरुआत में एआई इंसानी दिमाग से ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा. इतना ही नहीं, अगले 5-6 साल में एआई इतना ताकतवर हो जाएगा कि पूरी दुनिया के इंसानों की कुल समझदारी से भी ज्यादा समझदार हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रोबोट इंसानों के कामकाम को आसान बना देंगे. उन्होंने संकेत दिए कि अगले साल से टेस्ला ह्यमोनॉइट रोबोट बेचना शुरू कर सकती है.  

बोर्ड ऑफ पीस का ऐलान, गाजा के कायाकल्प का प्लान

ट्रंप के लिहाज से दावोस की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बोर्ड ऑफ पीस का ऐलान रहा. दुनिया में संघर्षों को सुलझाने के मकसद से बने इस बोर्ड के उद्घाटन सत्र में करीब 20 देशों के नेता शामिल हुए, हालांकि ट्रंप ने लगभग 60 देशों को न्योता भेजा था. ट्रंप ने उन आशंकाओं को भी फिलहाल खारिज करने का प्रयास किया, जिनमें कहा जा रहा था कि ये बोर्ड संयुक्त राष्ट्र का विकल्प बन सकता है. बोर्ड के गठन के बाद ट्रंप प्रशासन ने गाजा के पुनर्निर्माण को लेकर अपना विजन पेश किया, जिसमें 25 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से गाजा के कायाकल्प का खाका पेश किया. 

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यूरोप-अमेरिका की अनबन के बीच ट्रंप का यू-टर्न

दावोस की बर्फीली सर्दी में वैश्विक कूटनीति की गर्मी भी साफ नजर आई. ग्रीनलैंड, टैरिफ जैसे मुद्दों पर ट्रंप की धमकियों के खिलाफ कई यूरोपीय देशों ने खुलकर आवाज बुलंद की. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तो कड़वा सच कह दिया कि अमेरिका की अगुआई वाला वर्ल्ड ऑर्डर अब खत्म हो गया है और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था टूट रही है. इस बयान से ट्रंप इतने खफा हुए कि कनाडा को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्योता वापस ले लिया. हालांकि ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर सैन्य हमला न करके बातचीत से कब्जे के संकेत दिए, वहीं नाटो और यूरोपीय सहयोगियों की खुली आलोचना की. ग्रीनलैंड को लेकर सपोर्ट न करने पर 8 यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से टैरिफ लगाने के फैसले पर भी यूटर्न ले लिया. 

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ट्रंप से मुलाकात के बाद यूरोप पर बरसे जेलेंस्की 

दावोस के मंच से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने यूरोपीय सहयोगियों पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि रूस के हमले और आक्रामकता को लेकर यूरोप की प्रतिक्रिया धीमी, बिखरी हुई और अपर्याप्त रही है. ये भी कहा कि अमेरिका की शांति पहल के बीच यूक्रेन को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि यूरोप भटका हुआ दिखता है. इससे पहले जेलेंस्की ने शांति प्रक्रिया को लेकर ट्रंप के साथ बंद कमरे में एक घंटे की बैठक की. 

कांग्रेस में राहुल-प्रियंका का झगड़ा, सरमा का दावा

दावोस समिट में हिस्सा लेने गए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा ने एनडीटीवी से बातचीत में कांग्रेस पार्टी में अनबन और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी में झगड़े का भी चौंकाने वाला दावा किया. उन्होंने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के साथ-साथ कांग्रेस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच दरार का आरोप लगाया. उन्होंने ने आरोप लगाया कि राहुल ने केरल में दखल रोकने के लिए प्रियंका को असम चुनाव समिति का प्रमुख बनाया है. सरमा ने बड़ा बयान देते हुए गांधी फैमिली को दुनिया की सबसे फ्लॉप फैमिली करार दिया और खुद को उसका पीड़ित बताया. 

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महाराष्ट्र ने 30 लाख करोड़ के MoU साइन किए

दावोस में महाराष्ट्र ने 30 लाख करोड़ रुपये के समझौतों पर दस्तखत किए जो उद्योग, सेवा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में करीब 40 लाख रोजगार पैदा कर सकते हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, सात से दस लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों के लिए बातचीत शुरुआती चरण में है और अगले दो महीनों में एमओयू हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि करीब 83 प्रतिशत एमओयू प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़े हैं. 16 प्रतिशत निवेश वित्तीय संस्थानों में तकनीकी साझेदारी के रूप में है. 

केरल को मिले 14 अरब डॉलर निवेश के ऑफर 

केरल ने विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान 1.18 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता हासिल की है. केरल के उद्योग मंत्री पी. राजीव ने बताया कि ये प्रस्ताव नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन, स्वास्थ्य, मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा उपकरण निर्माण आदि क्षेत्रों से संबंधित हैं. इस बारे में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, स्पेन और अफ्रीकी देशों से बातचीत चल रही है. मंत्री ने कहा कि केरल ने नई औद्योगिक नीति और देश की पहली पर्यावरण सामाजिक राजकाज नीति को शामिल किया है. 

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स्मृति ईरानी के गठबंधन ने जुटाए 20 लाख डॉलर

भारत में महिला उद्यमियों के लिए 10 करोड़ डॉलर का कोष बनाने पर काम कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने डब्ल्यूईएफ की बैठक में महज दो दिनों के अंदर 20 लाख डॉलर की प्रतिबद्धता जुटा ली. ईरानी ने कहा कि छोटे कारोबारों खासकर महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोकस को देखते हुए ‘स्पार्क' नामक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो देश के करीब 300 शहरों में लागू किया जा रहा है. इसका उद्देश्य महिलाओं के स्वामित्व वाले एक लाख छोटे व्यवसायों को सहयोग देना है. 

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भारत में खुलेगा औद्योगिक क्रांति का नया सेंटर 

विश्व आर्थिक मंच ने दावोस बैठक में चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पांच नए केंद्र स्थापित करने का फैसला किया, जिनमें से एक भारत के आंध्र प्रदेश में होगा. बाकी तीन केंद्र फ्रांस, ब्रिटेन और यूएई में लगेंगे. नए केंद्र के साथ भारत में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी. इससे पहले मुंबई और तेलंगाना में दो केंद्र पहले से एक्टिव हैं. इन केंद्रों के फोकस एआई, इनोवेशन, ऊर्जा बदलाव, साइबर सुरक्षा और अत्याधुनिक टेक्नोलोजी होंगी. ये केंद्र क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक संवाद और सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे. चौथी औद्योगिक क्रांति नेटवर्क का मकसद सरकारी और प्राइवेट सेक्टर को साथ लाकर यह सुनिश्चित करना है कि उभरती टेक्नोलोजी के विकास एवं उपयोग से समाज को अधिकतम लाभ हो और जोखिम कम किए जा सकें. 

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