आप बस कल्पना कीजिए... दूर देश में एक रात पहले तक सब कुछ बिल्कुल नॉर्मल था. स्पेस से ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में घर, सड़कें और पूरा शहर का शहर सुरक्षित दिखाई दे रहा था. लेकिन कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल गया. अगली सैटेलाइट तस्वीरों में वही इलाका मलबे में बदल चुका था. इमारतें गिर गईं और पूरे इलाके की तस्वीर बदल गई. हम बात कर रहे हैं वेनेजुएला की, जहां 40 सेकेंड से भी कम समय के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आए. इन भूकंपों में कम से कम 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई, जबकि करीब 4,300 लोग घायल हुए. लेकिन यह आंकड़ा अभी कहीं अधिक जा सकता है.
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा पहले और बाद का मंजर
पहला मंजर
तस्वीरों के इस सेट में दो सैटेलाइट तस्वीरें हैं. पहली तस्वीर (ऊपर) 8 मई को ली गई थी. इसमें वेनेजुएला के ला गुएरा में एक इंडस्ट्रियल एरिया का आम नजारा दिख रहा है, जो भूकंप से पहले का है. दूसरी तस्वीर (नीचे) 25 जून को वैंटोर द्वारा ली गई थी और इसमें भूकंप के बाद उसी इंडस्ट्रियल एरिया को हुए नुकसान का नजारा दिख रहा है. एक खास बात जो आप नोट करेंगे, वह तस्वीरों की क्लियरिटी को लेकर है. मलबों से उठे धूल ने बाद की तस्वीरों को ब्लर कर दिया है.

ला गुएरा में एक इंडस्ट्रियल एरिया की पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें (फोटो- एएफपी)
दूसरा मंजर
सैटेलाइट तस्वीरों का यह दूसरा सेट वेनेजुएला के ला गुएरा में गोदामों का है. पहली तस्वीर (ऊपर) 8 मई को ली गई थी और दूसरी तस्वीर 25 जून को वैंटोर द्वारा ली गई थी. इसमें भी साफ दिख रहा है कि कैसे भूकंप ने इन गोदामों को नुकसान पहुंचाया है. अगर आप ध्यान से देखेंगे तो भूकंप ने पूरे के पूरे गोदम (लाल रंग वाले स्ट्रक्चर के आसपास) को मिट्टी में मिला दिया है.

ला गुएरा में गोदाम भूकंप के बाद पूरी तरह तबाह (फोटो- एएफपी)
तीसरा मंजर
यह सेट ला गुएरा के प्लाया ग्रांडे के दो सैटेलाइट इमेज को दिखाता है. पहली तस्वीर (ऊपर) 15 जून को ली गई थी और दूसरी 25 जून को वैंटोर ने ली थी. इसमें भूकंप के बाद प्लाया ग्रांडे की क्षतिग्रस्त इमारतें दिख रही हैं. यह तस्वीर दिखा रही है कि स्थिति कितनी भयावह है.

ला गुएरा के प्लाया ग्रांडे में तबाही का मंजर (फोटो- एएफपी)
चौथा मंजर
दो सैटेलाइट इमेज का यह सेट ला गुएरा की वर्गास म्युनिसिपैलिटी में प्लाया प्यूर्टो विएजो की इमारतों को दिखता है. पहली तस्वीर (ऊपर) 22 जून को ली गई थी और जबकि दूसरी तस्वीर 25 जून की है.

प्लाया प्यूर्टो विएजो की इमारतों का भूकंप से पहले और बाद का हाल (फोटो- एएफपी)
वेनेजुएला के हालात
भूकंप के बाद लोग अपने परिवार और दोस्तों को बचाने के लिए मलबे की ओर दौड़ रहे हैं. बचाव दल भी लगातार राहत कार्य में जुटा रहा, लेकिन कई जगह काम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. वेनेजुएला में भूकंप आने के 24 से अधिक घंटे बाद भी मलबे के नीचे लोगों के फंसे होने की खबरें आ रही है. कई जगह मलबे के नीचे शव भी दिखाई दिए, जबकि कुछ घायलों तक समय पर मदद नहीं पहुंच सकी.
बता दें कि दोनों भूकंप लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर आए, जिससे भूकंप की अधिकांश ऊर्जा (इनर्जी) सतह के निकट ही रिलीज हुई. दोनों झटकों के बीच एक मिनट से भी कम का अंतर था. इसके बाद आए लगातार झटकों (आफ्टरशॉक्स) के कारण क्षतिग्रस्त इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है. लगातार आ रहे इन झटकों ने बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है.
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