अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत का दौरा करेंगे. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप कब भारत आ सकते हैं. मार्को रुबियो से जब राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये जल्द होगा और इसी को लेकर योजना बनाई जा रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा करें. इसकी बहुत ज्यादा संभावना है. भारत, अमेरिका का बहुत करीबी पार्टनर और सहयोगी है. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच संबंध बहुत ही करीबी हैं, जो मुझे लगता है कि कूटनीति में वाकई बहुत अहम है.'
ऊर्जा संकट के बीच US-भारत मिलकर कर रहे काम
मार्को रुबियो से इस बीच जब पूछा गया कि वेस्ट एशिया संकट के बीच एनर्जी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए भारत और अमेरिका कैसे मिलकर काम कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जाहिर है, भारत लंबे समय से अपने एनर्जी के सोर्सों में विविधता लाने पर ध्यान दे रहा है और मुझे लगता है कि यह ट्रेंड जारी रहेगा और हम निश्चित रूप से इसका हिस्सा बनना चाहेंगे.
अमेरिका के पास भारत की ऊर्जा जरूरतों का समाधान
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'हमें लगता है, भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए हमारे पास कुछ समाधान हैं. लेकिन इसके अलावा, मैं यह भी कहूंगा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में शांति के लिए जो कदम उठाए हैं, उसकी एक वजह यह भी है कि वे चाहते हैं कि हमारे सहयोगियों के लिए बाजार में ज्यादा ईंधन आए. लेकिन मुझे लगता है कि लंबे समय का समाधान असल में सप्लाई में विविधता लाना है और मुझे पता है कि भारत न सिर्फ अमेरिका से बात कर रहा है, बल्कि वेनेज़ुएला के साथ भी उनकी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए बहुत करीब से काम कर रहा है. भारत दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है जिनमें वेनेज़ुएला में पैदा होने वाले भारी कच्चे तेल (heavy crude) को रिफाइन करने की क्षमता है.'
ट्रंप पिछले बार कब आए थे भारत?
राष्ट्रपति ट्रंप पिछली बार फरवरी 2020 में भारत आए थे. उस दौरान उन्होंने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम को संबोधित किया था. इसके बाद नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी. उस दौरे के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच नियमित बातचीत होती रही है. दोनों देश व्यापार, रक्षा प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रयासरत हैं. अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया क्वाड के सदस्य हैं. ये चारों देश क्षेत्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीक, मजबूत सप्लाई चेन और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं. वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों ने अपनी साझेदारी को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संबंधों में से एक बताया है.
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