अमेरिका के गृह मंत्रालय (होमलैंड सिक्योरिटी) में 76 दिनों तक चला सरकारी शटडाउन आखिरकार खत्म हो गया, और इसे इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन बताया जा रहा है. इस लंबे बंद के कारण कई एजेंसियों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि हजारों कर्मचारियों ने बिना पक्की सैलरी के देश की सुरक्षा जारी रखी. इस बीच राजनीतिक दलों के बीच तीखी खींचतान भी देखने को मिली. अब एक नए बिल के पास होने के बाद हालात सामान्य होने की उम्मीद है. लेकिन यह घटना आने वाले चुनावों से पहले अमेरिका की राजनीति में गहरे मतभेद और चुनौतियों को साफ तौर पर दिखाती है.
76 दिन बाद शटडाउन खत्म
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी मार्कवेने मुलिन ने गुरुवार, 30 अप्रैल को बताया कि 76 दिनों के बाद सरकारी शटडाउन खत्म हो गया है. उन्होंने इसे “इतिहास का सबसे लंबा सरकारी शटडाउन” बताया. गुरुवार को हाउस ने सीनेट द्वारा पास किए गए एक बिल को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी, जो होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के ज्यादातर हिस्सों के लिए फंड देगा.
मुलिन ने एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा कि "होमलैंड सिक्योरिटी फिर से खुल गया है.” उन्होंने बताया कि अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) और अमेरिकी कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन के लिए फंड बिना किसी डेमोक्रेट वोट के “रिकंसिलिएशन” प्रक्रिया के जरिए सुरक्षित किया जाएगा. मुलिन ने कहा, “साफ तौर पर कहूं तो यह डेमोक्रेट शटडाउन कभी होना ही नहीं चाहिए था.” उन्होंने उन सरकारी कर्मचारियों का धन्यवाद किया “जो हर दिन बिना तय सैलरी के भी देश की सुरक्षा करते रहे.” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और होमलैंड सिक्योरिटी के नेतृत्व “आपके साथ मिलकर ‘अमेरिका को फिर से सुरक्षित बनाने' की इस लड़ाई में शामिल होने के लिए बहुत आभारी हैं.”
यह पूरा मामला दिखाता है कि इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गहरा मतभेद है. यह घटना मिडटर्म चुनावों से कुछ महीने पहले हुई है, जो यह तय करेंगे कि कांग्रेस पर किसका नियंत्रण रहेगा. साथ ही, यह भी दिखाता है कि हाउस रिपब्लिकन पार्टी को अंदरूनी मतभेदों के बीच राष्ट्रपति के एजेंडे को आगे बढ़ाने में कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
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