- अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक की हैं.
- एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत सरकार को अपराधी से जुड़ी फाइलें जारी करना अनिवार्य था.
- कांग्रेस के डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि जारी दस्तावेज कुल फाइलों का करीब आधा है, करीब 35 लाख पन्ने ही हैं.
अमेरिका के न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता के तहत बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को जांच से संबंधित बड़ी संख्या में रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं. यह खुलासा उस कानून के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य यह बताना है कि सरकार को करोड़पति फाइनेंसर एपस्टीन द्वारा नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और प्रभावशाली लोगों से उसके संबंधों के बारे में क्या जानकारी थी. उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि इस ताजा खुलासे में 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, 2,000 से ज्यादा वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें जारी की गई हैं.
यह सभी रिकॉर्ड न्याय विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं. इनमें वे फाइलें भी शामिल हैं, जिन्हें दिसंबर में हुई शुरुआती रिलीज के दौरान रोक लिया गया था. हालांकि, कांग्रेस के डेमोक्रेट सांसदों ने इस रिलीज पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि यह जारी की गई सामग्री कुल एकत्रित फाइलों का केवल आधा हिस्सा है. सांसदों के मुताबिक सरकार ने करीब 60 लाख पन्नों की पहचान की थी, लेकिन समीक्षा और एडिटिंग के बाद केवल लगभग 35 लाख पन्ने ही सार्वजनिक किए गए हैं.
क्या है एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट?
एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट महीनों के राजनीतिक और आम लोगों के दबाव के बाद लागू किया गया एक कानून है. सरकार को दोषी यौन अपराधी एपस्टीन और उसकी करीबी और पूर्व प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल से संबंधित फाइलें सार्वजनिक करने के लिए बाध्य करता है. यौन तस्करी के आरोपों में अभियोग लगने के बाद एपस्टीन ने अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी.
नए दस्तावेजों में अब तक क्या सामने आया?
2018 में हुई एक बातचीत में एपस्टीन और ट्रंप के सलाहकार स्टीव बैनन ने राष्ट्रपति द्वारा फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल को पद से हटाने की धमकी पर चर्चा की, जिन्हें उन्होंने ठीक एक साल पहले ही इस पद पर नियुक्त किया था.
एपस्टीन ने लिखा, "यह तो महीनों पहले ही हो जाना चाहिए था, बहुत देर हो चुकी है."
बैनन ने जवाब दिया, "क्या आप पॉवेल को हटा सकते हैं या वास्तव में स्टीव मनुचिन को?" उनका इशारा तत्कालीन वित्त सचिव स्टीव मनुचिन की ओर था.
एपस्टीन ने जवाब दिया, "नहीं, मनुचिन ठीक हैं."
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को केविन वॉर्श को पॉवेल का उत्तराधिकारी नियुक्त किया, जबकि पिछले एक साल से वह ब्याज दरों में तेजी से कटौती न करने के लिए उनकी आलोचना कर रहे थे.
अन्य मामले घिसलेन मैक्सवेल की कैद और उसकी कैद की स्थितियों से संबंधित शिकायतों पर केंद्रित हैं.
रिकॉर्ड में जांचकर्ताओं के बीच हुए ईमेल शामिल हैं, जिनमें एपस्टीन की मौत पर चर्चा की गई है, जिसमें उनका आखिरी नोट भी शामिल है. ईमेल में कहा गया है कि यह आत्महत्या का नोट नहीं लगता है.
एपस्टीन की जेल में आत्महत्या से संबंधित हजारों पन्नों के दस्तावेज पहले ही जारी किए जा चुके हैं.
60 लाख में से 35 लाख पृष्ठ ही जारी किए: रो खन्ना
एपस्टीन से संबंधित मामले की फाइलों को जारी करने के लिए दबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कांग्रेसी डेमोक्रेट्स का तर्क है कि न्याय विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी की गई फाइलें एकत्रित फाइलों का लगभग आधा हिस्सा ही हैं.
कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना ने ने दस्तावेजों के खुलासे को अनिवार्य बनाने वाले विधेयक का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि न्याय विभाग ने कहा है कि उसने 60 लाख से अधिक संभावित प्रासंगिक पृष्ठों की पहचान की है, लेकिन समीक्षा और संपादन के बाद केवल करीब 35 लाख पृष्ठ ही जारी किए जा रहे हैं. इससे यह सवाल उठता है कि बाकी को क्यों रोका जा रहा है.
खन्ना ने कहा कि वह यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि शुक्रवार को जारी की गई फाइलों में पीड़ितों के साथ एफबीआई के साक्षात्कार, ड्राफ्ट का मसौदा और अभियोजकों द्वारा 2007 में फ्लोरिडा में एपस्टीन की जांच के दौरान एकत्रित जानकारी शामिल है या नहीं.
इस सामग्री को हटा लिया गया
न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीड़ितों की पहचान, मेडिकल रिकॉर्ड, बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और संवेदनशील फोटो‑वीडियो को पूरी तरह हटा या ब्लैकआउट किया गया है. विभाग का कहना है कि किसी भी दस्तावेज को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर नहीं रोका गया है और यह पूरी प्रक्रिया अभूतपूर्व पारदर्शिता का उदाहरण है.
इससे पहले सार्वजनिक रिकॉर्ड में सामने आया था कि डोनाल्ड ट्रंप ने 1990 के दशक में एपस्टीन के निजी जेट में यात्रा की थी. वहीं पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की कई तस्वीरें भी सामने आई थी. न तो रिपब्लिकन ट्रंप और न ही डेमोक्रेट क्लिंटन पर एपस्टीन के किसी भी गलत काम से जुड़े होने का सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया गया है और दोनों ने कहा है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण कर रहा था.
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