अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बुधवार को 10 दिन के युद्धविराम के लिए एक समझौता हुआ था.इसके लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की थी.इस युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्ष शनिवार को इस्लामाबाद में होंगे. इस बैठक की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है. इसमें अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य नेता शामिल होंगे. ईरान के प्रतिनिधिमंडल को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.इस बातचीत की पाकिस्तान में जोर शोर से तैयारी की जा रही है.
पाकिस्तान में कहां पर होगी बातचीत
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर 28 फरवरी को शुरू किए गए हमले के बाद यह पहला मौका होगा जब इस मामले में शामिल पक्ष इस्लामाबाद में होंगे. इस बैठक के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इस मामले के सभी पक्षों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया था. इस बातचीत के लिए इस्लामाबाद की सड़कों पर रंगरोगन किया जा रहा है और वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है. अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी भी अपने साजो-सामान के साथ पाकिस्तान पहुंच गए हैं.यह बैठक इस्लामाबाद के पास मरगल्ला की पहाड़ियों में स्थित एक होटल में होगी.
इस बातचीत में शामिल होने के लिए आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को इस्लामाबाद के मशहूर सेरेना होटल में ठहराया जाएगा. यह होटल विदेश मंत्रालय की बिल्डिंग के पास रेड जोन इलाके में स्थित है. इस्लामाबाद के इसी इलाके में कई सरकारी इमारतें और दूतावास हैं. वार्ता के लिए इस होटल को बुधवार शाम से रविवार तक के लिए खाली करवा लिया गया है. उसमें ठहरे मेहमानों को होटल छोड़कर कहीं जाने के लिए कह दिया गया था. बातचीत भी शायद इसी होटल में ही हो.इतने बड़े आयोजन को देखते हुए पाकिस्तान की सरकार ने राजधानी में नौ-10 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है. इस छुट्टी से इमरजेंसी सेवाओं को बाहर रखा गया था.
इस वार्ता को देखते हुए इस्लामाबाद शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और रेड जोन को सील कर दिया गया है. इस्लामाबाद में आने वाले मुख्य रास्तों को बंद कर दिया गया है.

बातचीत में कौन-कौन शामिल होगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शामिल होंगे. वहीं ईरान की ओर से ईरानी संसद के प्रमुख मोहम्मद बगर गालिबाफ अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें. गालिबाफ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रमुख रह चुके हैं. हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि जब तक सभी प्रतिनिधि पहुंच नहीं जाते है, तब तक कुछ भी पूरी तरह तय नहीं माना जा सकता है.

युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सभी पक्षों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया था.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस बातचीत की मेजबानी करेंगे. वे आमने-सामने की बातचीत से पहले दोनों पक्षों से अलग-अलग शुरुआती मुलाकात कर सकते हैं. विदेशमंत्री का कामकाज देख रहे उपप्रधानमंत्री इसाक डार भी बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे. हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस बातचीत में शामिल होंगे या नहीं. हालांकि युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद ट्रूथ सोशल पर लिखे पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख का भी आभार जताया था.
खबरों के मुताबिक शनिवार को अमेरिका और ईरान की टीमें अलग-अलग कमरों में बैठेंगी. पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुंचाने का काम करेंगे. इसका मतलब दोनों पक्षों में सीधे आमने-सामने बातचीत नहीं होगी.
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