ईरान के साथ हुए युद्धविराम के बाद इजरायल ने बुधवार से लेबनान पर हमले तेज कर दिए. इन हमलों में अबतक 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं. एनडीटीवी लगातार लेबनान से ताजा हालात की खबर पहुंचा रहा है. एनडीटीवी संवाददाता प्रदीप दत्ता जब इजरायल-लेबनान सीमा पर स्थित मेटुला कस्बे से रिपोर्ट कर रहे थे, उसे दौरान ही रॉकेट फायर किए जाने लगे. इसके बाद भी उन्होंने वहां से रिपोर्टिंग करना जारी रखा. इस दौरान सीमा के दूसरी ओर लेबनान की तरफ खंडहर बन चुकीं इमारतें नजर आईं.
सीमा से कैसा दिखा लेबनान
सीमा पर लेबनान के इलाके में जिस तरह से इमारतें जमींदोज नजर आईं, वह मंजर यह बता रहा था कि इजरायल ने वहां पर किस तरह से बमबारी की है और उसकी मंशा की है. इजरायल ने बार-बार कहा है कि वो इन इलाकों पर गोलाबारी करना बंद नहीं करेगा.
मैं इजरायल के जिस इलाके से रिपोर्ट कर रहे थे, वहां बड़े और खूबसूरत घर बने हुए थे.लेकिन उनमें रहने वाला कोई नहीं था. उनमें रहने वाले लोग वहां से निकलकर किसी सुरक्षित जगह पर चले गए थे. उन्हें लेबनान से हिज्बुल्ला की ओर से की लगातार हो रही गोलाबारी और रॉकेट हमलों की जद में आने का डर था.
सीमा पर डटा हुआ है भारतीय मूल का इजरायली
इसी जगह पर मेरी मुलाकात मोजिस नाम के एक इजरायली व्यक्ति से हुई. मोजिस के पिता भारतीय थे. वो भारत से आकर इजरायल में बसे थे. जब पूरा इलाका लेबनान की ओर से की जा रही गोलाबारी के डर से खाली हो चुका था, वैसे में मोजिस वहां डटे हुए थे. उन्होंने कहा कि यह उनकी जमीन है, यह उनका घर है, वो इसे किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि वहां रहना काफी जोखिम भरा काम है, क्योंकि कोई नहीं जानता कि किस दिशा से कोई बम या रॉकेट चला आए.
अमेरिका-इजरायल और ईरान में हुए संघर्ष विमार में लेबनान के शामिल होने पर संशय बना हुआ है. पाकिस्तान और ईरान का कहना है कि लेबनान पर हमले रोकना इस समझौते में शामिल है, जबकि इजरायल और अमेरिका इससे इनकार कर रहे हैं. हालांकि इस वार्ता का मध्यस्थ पाकिस्तान कह रहा है कि लेबनान पर हमले रोकना इस समझौते का हिस्सा है. इस बीच खबर आई है कि इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका में वार्ता होगी. इस बातचीत में लेबनान की सरकार शामिल होगी. इस बातचीत से हिज्बुल्लाह को दूर रखा गया है.
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