मिडिल ईस्ट का संकट सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की वार्ता की तैयारियों के बीच खबर है कि ये वार्ता विदेश मंत्री स्तर पर हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक की अगुआई अमेरिका की तरफ से विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ईरान से विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर सकते हैं.
कई सूत्रों एनडीटीवी/अली फुरकान को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध को सुलझाने के लिए ये शांति वार्ता हफ्ते में हो सकती है. ईरान की तरफ पाकिस्तान के इस्लामाबाद को पसंदीदा जगह बताया जा रहा है, वहीं अन्य विकल्पों में जिनेवा और वियेना के नामों पर भी विचार किया जा रहा है.
सूत्रों का ये भी कहना है कि भले ही वार्ता इस्लामाबाद से बाहर हो, लेकिन उसमें भी पाकिस्तान की भूमिका अहम रह सकती है. वार्ता पाकिस्तान की मेजबानी में होने की संभावना है. इसका आयोजन जिनेवा या वियेना में पाकिस्तानी दूतावास में हो सकता है.
देखें- अमेरिका-ईरान शांति वार्ता राउंड-2: गुरुवार को इस्लामाबाद में फिर सजेगी कूटनीति की मेज?
अधिकारियों का ये भी कहना है कि अगर दूसरे राउंड की वार्ता के सकारात्मक नतीजे आए तो अगली बार शिखर सम्मेलन (Summit) स्तर की बातचीत का आयोजन हो सकता है. हालांकि फिलहाल मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रपति स्तर की बातचीत के कोई संकेत नहीं हैं.
ईरानी नेता अपनी सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, यही वजह है कि वह इस्लामाबाद में ही बैठक करना चाहते हैं. ईरान और पाकिस्तान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी साझा सीमा है. इसके अलावा पाकिस्तान से अपने संबंधों को देखते हुए भी ईरान इस्लामाबाद पर जोर दे रहा है.
ईरानी नेता अपनी सुरक्षा को लेकर कितने चौकस है, ये उस वक्त भी नजर आया था, जब पहले राउंड की वार्ता फेल होने के बाद वह हवाई मार्ग के बजाय सड़क रास्ते से अपने देश गए थे. उनका विमान अगले दिन रवाना हुआ था.
देखें- यूएस-ईरान वार्ता के बाद ट्रंप ने पीएम मोदी से की बात, 40 मिनट तक चली चर्चा
इस बीच नए घटनाक्रम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. ये बातचीत करीब 40 मिनट तक चली. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरी बार है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की है.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई बड़े मुद्दों पर बातचीत हुई. शांति वार्ता में भारत की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि अगले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत आने वाले हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं