- अमेरिकी जज ने ट्रंप सरकार के जन्म आधारित नागरिकता नियमों के खिलाए लाए आदेशों को लागू करने पर रोक लगा दी है
- ट्रंप का नया आदेश उन लोगों को निशाना बनाता है जो कथित तौर पर सिर्फ बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आते हैं
- अदालत ने कहा- अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्मे सभी बच्चे अमेरिकी नागरिक माने जाते हैं
अमेरिका में इमिग्रेशन पॉलिसी सख्त करने की कोशिश में लगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक और झटका लगा है. अमेरिका में एक फेडरल जज ने बुधवार, 2 सितंबर को ट्रंप सरकार को झटका दिया. जज ने ट्रंप सरकार को जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता के नियमों को सीमित करने वाले नए आदेश को लागू करने से रोक दिया है. इस फैसले से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका के अंदर जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने की नई कोशिश फिलहाल रुक गई है. इससे पहले भी ट्रंप ने ऐसा ही कदम उठाया था, लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पिछली कोशिश को खारिज कर दिया था.
अब कोर्ट में क्या हुआ?
मैरीलैंड की अमेरिकी जिला जज डेबोरा बोर्डमैन ने यह शुरुआती रोक लगाई है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार मानवाधिकार संगठनों ने ट्रंप के 6 अगस्त के कार्यकारी आदेश को चुनौती दी थी. इस आदेश का निशाना उन लोगों पर था, जिन्हें ट्रंप ने “बर्थ टूरिज्म” यानी बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आने वाला बताया था.
बोर्डमैन ने अपने 35 पन्नों के फैसले में लिखा कि “सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना चुका है. इस मामले में शामिल बच्चों को जन्म के समय ही अमेरिकी नागरिक माना जाता है.” उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप का 6 अगस्त वाला आदेश लगभग निश्चित रूप से असंवैधानिक है, यानी अमेरिकी संविधान के खिलाफ है. प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया.
ट्रंप के आदेश और अदालत के फैसले
ट्रंप का नया कार्यकारी आदेश उन लोगों को निशाना बनाता है, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे पर्यटन के बहाने अमेरिका आते हैं, लेकिन असल में उनका इरादा बच्चे को जन्म देने का होता है. इस मुद्दे पर ट्रंप के पहले कार्यकारी आदेश में कहा गया था कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे माता-पिता या अस्थायी वीजा पर अमेरिका आए माता-पिता के यहां पैदा होने वाले बच्चों को अपने आप अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी.
निचली अदालतों ने ट्रंप के इस कदम को रोक दिया था. अदालतों ने कहा था कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के नागरिकता संबंधी नियम के तहत, अमेरिका की जमीन पर पैदा होने वाले लगभग हर व्यक्ति को अमेरिकी नागरिक माना जाता है. सुप्रीम कोर्ट भी इस बात से सहमत हुआ.
जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने की ट्रंप की कोशिश उनकी अमेरिका में प्रवासियों की संख्या कम करने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है. इस मुहिम में बिना कानूनी डॉक्यूमेंट वाले लाखों प्रवासियों को अमेरिका से निकालना और एक दर्जन से ज्यादा देशों के नागरिकों को देश से निकाले जाने से मिली कानूनी सुरक्षा हटाना भी शामिल है.
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