मिडिल ईस्ट में हालात हर घंटे और ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं. अमेरिका ने लगातार 13वीं रात भी ईरान पर हमला बोला है. किसी भी सूरत में अब यह लड़ाई सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कुवैत, लाल सागर, होर्मुज जलडमरूमध्य और दुनिया के तेल कारोबार पर भी इसका असर दिखने लगा है. तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, UN ने बड़ी चेतावनी दी है, और कई देशों ने इस संघर्ष को रोकने की अपील की है. आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की हर बड़ी अपडेट.
अमेरिका का लगातार 13वीं रात हमला
अमेरिकी सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने ईरान पर लगातार 13वीं रात भी हमला किया. सेना के मुताबिक ये हमले ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए, ताकि ईरान की जहाजों पर हमला करने की क्षमता कम की जा सके. ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी मिसाइलों ने इराक सीमा के पास स्थित अहवाज शहर को निशाना बनाया. वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और ओमिदियेह में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं.
कुवैत पर हमला
ईरान भी चुप नहीं बैठा है. कुवैत ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से आए मिसाइलों और ड्रोन पर जवाबी कार्रवाई की. इससे कुछ घंटे पहले कुवैत ने इराक सीमा पर एक नए ड्रोन हमले की भी जानकारी दी थी. कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ ने सोशल मीडिया पर कहा, "ईरान की गलत आक्रामक कार्रवाई के बाद कुवैत का एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक रहा है."
ट्रंप को झटका
अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (लोकसभा जैसे) ने एक ऐसा प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की गई. वैसे तो यह प्रस्ताव ज्यादातर प्रतीकात्मक है, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच ट्रंप को कांग्रेस की ओर से एक और झटका माना जा रहा है. इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जब तक संसद साफ तौर पर युद्ध की मंजूरी न दे, तब तक ट्रंप अमेरिका की सेना को ईरान के खिलाफ लड़ाई से हटा लें.
हूती हमलों की निंदा
हूती लड़ाकों द्वारा लाल सागर में तेल टैंकरों पर किए गए हमलों की यूरोप के कई देशों ने निंदा की. जर्मनी ने कहा कि ये हमले संघर्ष को और बढ़ा सकते हैं. ब्रिटेन ने हूती समूह के हमलों को लापरवाह हरकत बताकर उसकी निंदा की. वहीं यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काया कैलास ने इन हमलों को अस्वीकार्य और गैरकानूनी बताया.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा कि मिडिल ईस्ट का संघर्ष कंट्रोल से बाहर होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह ऐसी स्थिति के बिल्कुल किनारे पर पहुंच गया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत 8 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 101.93 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है.
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