- UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस पश्चिम एशिया के हालातों पर चिंता जताई है और कूटनीति को रास्ता बताया है.
- उनका बयान ऐसे वक्त में आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध फिर से बढ़ गया है.
- उनका कहना है कि युद्ध से सिर्फ तबाही होगी. इसलिए हमें कूटनीति का रास्ता ही अपनाना होगा.
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते सैन्य संकटों और युद्ध के माहौल को लेकर वैश्विक नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 'विवादों के शांतिपूर्ण समाधान' पर आयोजित सुरक्षा परिषद की एक उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कूटनीति ही शांति का एकमात्र रास्ता है और पश्चिम एशिया के संकटों का कोई भी सैन्य समाधान नहीं हो सकता है. क्योंकि भले ही कूटनीति युद्धों को रोकने में पूरी तरह सफल न रही हो, लेकिन इसमें चल रहे संघर्षों को समाप्त करने की क्षमता अब भी है. इसलिए कूटनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता सबसे ज्यादा है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेजी से बढ़ रहा है, जहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों में जहाजों पर हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ गई है.
अंतरराष्ट्रीय कानूनों की हो रही अनदेखी: एंटोनियो गुटेरेस
यूएन प्रमुख ने दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय कानूनों की हो रही अनदेखी पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा 'आज संघर्षों की संख्या, उनकी जटिलता और दायरा लगातार बढ़ रहा है. जब अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर कोई जवाबदेही तय नहीं होती, तो यह एक गलत मिसाल कायम करता है. जब दल वार्ता के बजाय सैन्य समाधान को प्राथमिकता देते हैं, तो इसका सबसे भारी नुकसान बेकसूर नागरिकों को भुगतना पड़ता है.'
ये भी पढ़ेंः अमेरिका का लगातार 13वीं रात ईरान पर हमला, बंदर अब्बास तक धमाके! लाल सागर खौला तो $101 के पार भागा तेल
'लाल सागर' और होर्मुज में स्थिति सामान्य हो
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और इजरायल के सैन्य अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति अब अनियंत्रित होती जा रही है और यह अकल्पनीय तबाही के मुहाने पर खड़ी है. गुटेरेस ने फारस की खाड़ी के होर्मुज जलडमरूमध्य'और लाल सागर के 'बाब अल-मंडब' में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को तुरंत सामान्य करने की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने गाजा की स्थिति पर भी अपने विचार रखे हैं. अक्टूबर 2025 में अमेरिका की तरफ से कराए गए युद्धविराम के बावजूद गाजा में नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि वहां लोग अब भी अपनी जान गंवा रहे हैं.
'दुनिया बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर'
पश्चिम एशिया में चल रही जंग को लेकर चेतावनी देते हुए गुतेरेश ने कहा कि इस टकराव ने दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. इससे विकासशील देशों पर कर्ज, भोजन और विकास का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा. उन्होंने क्षेत्रीय मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों के प्रयासों की सराहना की और जोर दिया कि तनाव कम करने के लिए इन प्रयासों को और मजबूत किया जाना चाहिए.
एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देशों को 'उदाहरण पेश करने' की नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि संघर्ष तभी समाप्त होते हैं, जब नेता विनाश के ऊपर बातचीत को चुनते हैं. दुनिया को एक व्यापक विनाशकारी युद्ध से बचाने के लिए सभी पक्षों को तुरंत युद्ध विराम कर बातचीत की मेज पर लौटना होगा. बता दें कि हाल के दिन में अमेरिका और ईरान के बीच जमकर संघर्ष बड़ा है. जिसे रोकने के लिए कूटनीति पर जोर दिया गया है.
ये भी पढ़ेंः ईरान ने ठुकराया अमेरिका का ऑफर, पाकिस्तान नहीं इराक के हाथ ट्रंप ने भिजवाया था सीजफायर प्रस्ताव
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं