- ईरान ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, यह प्रस्ताव इराक के PM ने तेहरान जाकर ईरान को दिया था
- द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा- किसी भी अस्थायी समझौते में दिलचस्पी नहीं
- इराक के PM ने पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, और अब ईरान पहुंचे
ईरान डोनाल्ड ट्रंप और उनकी अमेरिकी सरकार की शर्तों पर डील करने को किसी सूरत में तैयार नहीं है. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की कोशिश फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही है. ईरान ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने की बात कही गई थी. द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव इराक के प्रधानमंत्री ने तेहरान जाकर ईरान को दिया था. रिपोर्ट में बिना नाम बताए ईरान और इराक के कुछ अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है.
इस प्रस्ताव की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ईरानी सरकार ऐसे किसी अस्थायी समझौते में दिलचस्पी नहीं रखती, जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर किसका नियंत्रण रहेगा, यह साफ न हो. यह खबर ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो हफ्तों से हमले जारी हैं. अमेरिकी सेना ने लगातार 13वीं रात ईरान पर हमला बोला है. अमेरिका की ओर से फिर से नौसैनिक घेराबंदी किए जाने के बावजूद, ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले करता रहा है. साथ ही उसने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के ठिकानों को भी निशाना बनाया है. दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और जरूरी ढांचे पर बमबारी की है.
इराक को बिचौलिया बना रहे ट्रंप
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जायदी गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे. इससे पहले, पिछले हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी. इराक पीएम के इस दौरे से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अली अल-जायदी, ट्रंप की ओर से कुछ संदेश और राय लेकर आ सकते हैं. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ईरान अब अमेरिका के साथ किसी नई मध्यस्थता की कोशिश नहीं चाहता.
उधर अल-जैदी के ऑफिस का कहना है कि उन्होंने आज तेहरान का दौरा किया ताकि शांति और बातचीत की अपील कर सकें, और वादा किया कि इराकी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा. यहां गौर करने वाली बात है कि पहले ट्रंप ने पाकिस्तान को बिचौलिया बनाकर ईरान से डील की कोशिश की थी. इसबार उन्होंने इराक के पीएम पर भरोसा दिखाया है. हालांकि अमेरिका और ईरान, दोनों देशों के बीच अविश्वास इतना बढ़ गया है कि किसी भी डील पर पहुंचना बहुत मुश्किल होने वाला है.
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