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रूस की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, दो हफ्ते बाद फिर निशाना बना रोसनेफ्ट प्लांट

यूक्रेन ने रूस के समारा क्षेत्र स्थित नोवोकुइबिशेव्स्क ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया. हमले के बाद भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं के विशाल गुबार उठने लगे. रोसनेफ्ट की इस रिफाइनरी पर अगस्त के बाद दूसरी बार हमला हुआ है.

रूस की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, दो हफ्ते बाद फिर निशाना बना रोसनेफ्ट प्लांट
रूस की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का ड्रोन हमला
  • यूक्रेन ने रूस के समारा क्षेत्र की नोवोकुइबिशेव्स्क ऑयल रिफाइनरी पर हाल ही में ड्रोन हमले को अंजाम दिया है
  • नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी पर अगस्त के बाद यह दूसरा यूक्रेनी ड्रोन हमला माना जा रहा है
  • इस रिफाइनरी में प्रति वर्ष लगभग 88 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाता है

यूक्रेन ने शुक्रवार को रूस के समारा क्षेत्र स्थित नोवोकुइबिशेव्स्क ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया. रूसी तेल प्रसंस्करण सुविधाओं पर लगभग दो सप्ताह के अंतराल के बाद यह हमला किया गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों में यह अनौपचारिक विराम अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के बाद तक जारी रहने की उम्मीद थी. रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए कीव पर ऐसे हमले रोकने का दबाव बनाया था.

विशाल गुबार आसमान में दूर तक दिखाई दिए

हमले के बाद नोवोकुइबिशेव्स्क ऑयल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई. घटनास्थल से उठते गहरे भूरे रंग के घने धुएं के कई विशाल गुबार आसमान में दूर तक दिखाई दिए. सोशल मीडिया पर सामने आए 16 सेकंड के एक डैशकैम वीडियो में सड़क से गुजरते वाहन के भीतर से रिफाइनरी के पास लगी आग और धुएं को देखा जा सकता है.

यह रिफाइनरी रूस की सरकारी नियंत्रण वाली तेल कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व में है. अगस्त के बाद इस साल यह दूसरा मौका है जब इस संयंत्र को यूक्रेनी ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया है. नोवोकुइबिशेव्स्क ऑयल रिफाइनरी हर साल करीब 88 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है. यहां विमानन ईंधन, पेट्रोल, डीजल, लुब्रिकेंट और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं.

यूक्रेन लंबे समय से रूस की रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लंबी दूरी के हमले करता रहा है. कीव का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य रूसी सेना की ईंधन आपूर्ति को प्रभावित करना और युद्ध के लिए मिलने वाली वित्तीय आय को कम करना है.

अगस्त में भी हुआ था हमला

अगस्त में भी यूक्रेनी बलों ने नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी पर लंबी दूरी से हमला किया था. उस समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि यह संयंत्र अग्रिम मोर्चे से करीब 1,000 किलोमीटर दूर स्थित है.

22 अगस्त को सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की ने लिखा था, "पिछले 24 घंटों में हमारी सेनाओं ने नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी पर हमला किया, जो फ्रंट लाइन से 1,000 किलोमीटर दूर है. इससे रूस की युद्ध मशीन को निर्यात आय के रूप में मिलने वाले लाखों डॉलर के राजस्व पर असर पड़ा है." 

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