- पूर्व वायुसेना अधिकारी केएम तहसीफ सौरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ढाका के तुराग नदी से हुई है
- तहसीफ एक दिन पहले लापता हुए थे, जिसके बाद उनकी पहचान आईफोन और अन्य सामान से हुई थी
- परिवार का आरोप है कि शेख हसीना के देश छोड़ने वाले वीडियो साझा करने के बाद उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया गया
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के वायरल वीडियो से जुड़े पूर्व वायुसेना अधिकारी केएम तहसीफ सौरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. 28 वर्षीय पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट का शव 28 अक्टूबर को ढाका के उत्तरा क्षेत्र स्थित तुराग नदी से बरामद किया गया. वह एक दिन पहले लापता हुए थे. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तहसीफ दिन में अपनी मां के साथ खरीदारी करने गए थे. शाम को एक करीबी दोस्त का फोन आने के बाद वह घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे. देर रात उन्होंने अपनी मां को संदेश भेजकर बताया था कि वह घर आ रहे हैं, मगर इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला. अगले दिन नदी पुलिस को राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली, जिसके बाद राजाबाड़ी घाट के पास नदी से एक शव बरामद किया गया. जेब में मिले आईफोन और अन्य सामान की मदद से उसकी पहचान केएम तहसीफ सौरी के रूप में हुई.
परिवार ने जताई हत्या की आशंका
तहसीफ के परिवार का आरोप है कि शेख हसीना के देश छोड़ने से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था. परिवार का दावा है कि इसी वजह से उनकी हत्या की गई है. उनकी चचेरी बहन मोशफेका जहां ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि तहसीफ ने वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया था, बल्कि एक सामान्य नागरिक की तरह उसे साझा किया था. इसके बावजूद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः उनकी जान चली गई.
पहले भी विवादों में रहा था नाम
तहसीफ उस समय चर्चा में आए थे जब एक इस्लामी झुकाव वाले अखबार ने उन्हें भारत की खुफिया एजेंसी रॉ का एजेंट बताते हुए रिपोर्ट प्रकाशित की थी. बाद में उन पर लगे आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हुआ और उन्हें वायुसेना सेवा से हटाया गया. उनका पासपोर्ट भी करीब दो साल तक जब्त रखा गया था. कुछ महीने पहले एक पॉडकास्ट में तहसीफ ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की थी. इसी बातचीत में उन्होंने शेख हसीना के देश छोड़ने वाले वीडियो को लेकर उठे सवालों का भी जवाब दिया था.
पॉडकास्ट के बाद बढ़ी चर्चा
जुलाई में प्रसारित एक पॉडकास्ट में तहसीफ ने कहा था कि देश के लिए बलिदान से बड़ा कोई गौरव नहीं हो सकता. उस समय उनके बयान को काफी चर्चा मिली थी. अब कुछ महीनों बाद उनकी रहस्यमय मौत ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ढाका के अस्पताल भेज दिया है. फिलहाल मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.
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