- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नये प्रस्ताव से वे युद्ध समाप्ति वार्ता में संतुष्ट नहीं हैं
- ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और उलझा हुआ बताया, जो समझौता करना चाहता है लेकिन सहमत नहीं हो पाता
- ईरान ने पाकिस्तान को मध्यस्थ मानते हुए अमेरिका के साथ वार्ता के लिए नई योजना का मसौदा सौंपा है
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वे दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही वार्ता में ईरान के नये प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं. ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं, मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं आगे क्या होता है." ट्रंप ने प्रस्ताव की कमियों के बारे में विस्तार से नहीं बताया. राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले सप्ताह अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द करने के बाद से वार्ता फोन पर जारी है. उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर निराशा जताते हुए कहा कि वे आपस में ही बंटे हुए हैं. उन्होंने कहा, "वे ऐसी चीजें मांग रहे हैं जिनसे मैं सहमत नहीं हो सकता. यह एक बहुत ही बिखरा हुआ नेतृत्व है. वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे सभी उलझे हुए हैं."
ट्रंप ने आगे कहा, 'हम इस पर विचार कर रहे हैं. अगर हम ऐसा कर सकते हैं, तो हम जरूर करेंगे, लेकिन तभी जब यह एक अच्छा सौदा हो. हम नजर रख रहे हैं और अगर हम उनकी मदद कर सकते हैं, तो हम करेंगे, लेकिन पहले हमें अपनी मदद करनी होगी.'
.@POTUS on Iran: "They want to make a deal, but I'm not satisfied with it, so we'll see what happens." pic.twitter.com/7H4jkuLXuh
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) May 1, 2026
इससे पहले ईरान की मीडिया आउटलेट आईआरएनए के अनुसार, ईरान ने गुरुवार शाम 30 अप्रैल को अमेरिका के साथ वार्ता में मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे पाकिस्तान को अपनी नई वार्ता योजना का मसौदा सौंप दिया. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कल शाम एक टेलीविजन साक्षात्कार में इस बात पर जोर दिया कि युद्ध की समाप्ति और स्थायी शांति अमेरिका के साथ वार्ता में तेहरान की प्राथमिकता है. हालांकि, उन्होंने भी नये प्रस्तावों के बारे में कुछ नहीं बताया.
कहीं ये मांग तो नहीं?
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को कहा था कि इस्लामी गणराज्य अपनी "परमाणु और मिसाइल क्षमताओं" को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखेगा, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन मुद्दों पर समझौता करने की कोशिश कर रहे हों. अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए एक लिखित बयान में यह बात कही.तो अब सवाल उठता है कि क्या यही वो मांग है, जिसे ट्रंप कह रहे हैं कि अमेरिका पूरा नहीं कर सकता. क्योंकि इजरायल और अमेरिका के खाड़ी दोस्त कभी नहीं चाहेंगे कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर छूट दे.
ये भी पढ़ें-
UAE का ओपेक छोड़ना सऊदी अरब के दबदबे का अंत क्यों माना जा रहा है? 10 प्वाइंट्स में समझिए
जर्मनी के बाद इटली और स्पेन से भी अपने सैनिकों को वापस बुला सकता है अमेरिका, ट्रंप की धमकी
ईरान युद्ध: ट्रंप के फिर हमला करने के संकेतों के बीच गल्फ से लेकर अमेरिका-इजरायल तक हालात कैसे हैं?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं