एक तरफ अमेरिकी फौजी देश की सरहदों और विदेशों में जान हथेली पर रखकर ड्यूटी निभा रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके अपने ही घर में खौफ का माहौल है. ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में लागू की गई सख्त आव्रजन नीतियों की गाज अब सीधे अमेरिकी सैनिकों के परिवारों पर गिर रही है.
एसोसिएट प्रेस की एक जांच रिपोर्ट में इस बात का सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से अब तक एक्टिव-ड्यूटी पर तैनात अमेरिकी सैनिकों के 50 से ज्यादा माता-पिता और जीवनसाथियों को हिरासत में लिया जा चुका है. इतना ही नहीं, इनमें से कम से कम 6 लोगों को अमेरिका से डिपोर्ट (देश से बाहर) भी किया जा चुका है, जबकि 8 से ज्यादा परिजन आज भी फेडरल इमिग्रेशन हिरासत में दिन काटने को मजबूर हैं.
ये वे लोग थे जो हिरासत में लिए गए कई फौजी परिजनों के पास वैध वीजा या ग्रीन कार्ड नहीं है और वे कानूनी दर्जा पाने की प्रक्रिया में थे. इसमें सवाल ये भी उठता है कि अगर घर का कोई सदस्य फौज में है तो उसके परिवार का दूसरा सदस्य अवैध कैसे हो सकता है?
News Alert! Trump administration has detained more than 50 spouses, parents of US troops in immigration crackdown, AP review finds
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026
दशकों पुरानी परंपरा खत्म, भर्ती विज्ञापनों पर भी सवाल
अमेरिका में दशकों से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन के बीच यह सहमति रही है कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों के निकटतम परिजनों को डिपोर्टेशन से सुरक्षा दी जाएगी. लेकिन अब इस नियम को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है.
जानकारों का मानना है कि इस नीति से सेना की तैयारियों और फौजियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे वक्त में जब अमेरिकी सेना ईरान से जुड़ी सैन्य गतिविधियों में व्यस्त है, फौजियों को अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है. कई जवानों को अपने बच्चों की देखभाल और पत्नी/पति की रिहाई के लिए छुट्टियां लेनी पड़ रही हैं. इससे उनकी तैनाती में देरी हो रही है.
'जब मेरी पत्नी ही हिरासत में है, तो मैं ड्यूटी पर कैसे ध्यान दूं?'
टेक्सास के फोर्ट ब्लिस में तैनात अमेरिकी थल सेना के सार्जेंट हेदार लियोनेल तुर्सियोस जुआरेज का दर्द इस कड़वी सच्चाई को बयां करता है. उन्होंने एपी को बताया कि जुलाई महीने में उनकी पत्नी को 6 साल की मासूम बेटी के सामने एक वॉलमार्ट स्टोर के बाहर से हिरासत में ले लिया गया.
हेदार कहते हैं, "मैं अपने सैन्य करियर पर कैसे ध्यान केंद्रित कर सकता हूं, जब मुझे हर पल यह चिंता सता रही हो कि मेरी पत्नी किस हाल में है और मेरी बच्ची का क्या होगा?"
सरकारी आंकड़े गायब, जांच में खुला राज
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने साफ कहा है कि वह सैन्य परिवारों की गिरफ्तारी से जुड़ा कोई अलग डेटा तैयार नहीं करता. ऐसे में एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने आव्रजन न्याय पारदर्शिता पहल के प्रोजेक्ट 'हेबियस डॉकेट्स' के माध्यम से हजारों अदालती दस्तावेजों, मीडिया रिपोर्ट्स और वकीलों और परिजनों से बातचीत करके यह डेटा जुटाया है. जानकारों का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा 51 से कहीं ज्यादा हो सकता है.
जब इस पूरे मामले पर होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने ज्यादातर मामलों पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की. हालांकि, एजेंसी ने यह जरूर तर्क दिया कि हिरासत में लिए गए लोगों में से कम से कम 7 लोग पहले भी अमेरिका से निकाले जा चुके थे, 8 लोगों के खिलाफ डिपोर्टेशन के पुराने आदेश थे और कम से कम 2 लोगों पर शराब पीकर गाड़ी चलाने या ड्रग्स से जुड़े आपराधिक मामले दर्ज थे.
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