अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने एक और विवादित फैसला लिया है. डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासी विरोधी नीति को आगे बढ़ाते हुए अमेरिका सरकार ने 28 हजार से ज्यादा प्रवासियों के कमर्शियल ट्रक ड्राइवर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. अब इन प्रवासियों की जगह ट्रक चलाने के लिए अमेरिका के पूर्व सैनिकों को लाने के लिए एक प्रोग्राम शुरू किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मंगलवार, 4 अगस्त को सरकार के इस फैसले की पुष्टि की.
इन ड्राइवरों का गुनाह- इंग्लिश बोलना नहीं आता
ट्रंप सरकार की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, ऐसे 24 हजार प्रवासियों के CDL यानी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं जो अच्छी तरह से अंग्रेजी बोल या पढ़ नहीं सकते. इतना ही नहीं ट्रंप प्रशासन ने उन 9,500 ड्राइविंग स्कूलों को बंद किया है, जिन्होंने इन ट्रक ड्राइवरों को अमेरिका में गाड़ी चलाने में मदद की थी. इसके लिए ट्रंप सरकार ने बकायदा राज्यों के साथ मिलकर काम किया.
Trump Admin Cancels 28,000 Trucker Licenses Held by Illegal Alienshttps://t.co/DYZHX5Y3zD
— Karoline Leavitt (@PressSec) August 4, 2026
भारतीय ड्राइवरों पर क्या असर?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन के आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका में लगभग 1.3 से 1.5 लाख ट्रक ड्राइवर सीधे पंजाब और हरियाणा से आए हैं. ऐसे में ट्रंप सरकार के इस कदम का अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर असर पड़ने की संभावना है. दरअसल ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से अमेरिकी सरकार ऐसे प्रवासियों पर कठोर एक्शन ले रही है जो ट्रक चलते हैं. अमेरिका में लगातार प्रवासी ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है. यह कार्रवाई अगस्त 2025 में फ्लोरिडा में हुए एक हादसे के बाद और तेज हो गई, जब एक भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर ने हाइवे गैर-कानूनी तरीके से यू-टर्न लिया और उसकी इस गलती से तीन लोगों की दुखद मौत हो गई थी.
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