- मार्क जकरबर्ग ने मेटा प्लेटफार्म्स पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक कंटेंट और डीपफेक कंटेंट के लिए माफी मांगी है
- मेटा ने कहा कि वे कंटेंट के बिचौलिए नहीं हैं और IT एक्ट के तहत सेफ हार्बर नियम उनपर लागू नहीं होता
- जकरबर्ग ने स्वीकार किया कि कुछ आपत्तिजनक कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए मेटा ने बहुत सारा पैसा लिया था
मार्क जकरबर्ग ने मेटा प्लेटफार्म्स पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक कंटेट (CSAM ), डीपफेक कंटेंट के लिए माफी मांगी है. मेटा चीफ ने प्लेटफॉर्म चलाने में हुई गलतियों को लेकर भी माफी मांगी है. यह दूसरी बार है जब मार्क जकरबर्ग की ओर से माफी मांगी गई है. इससे पहले जनवरी 2025 में भी संसदीय समिति के सामने मेटा अधिकारियों ने माफी मांगी थी.
मार्क ने कहा कि वह इंटरमीडियरी डेफिनिशन के तहत नहीं आते हैं. यानी वे आपत्तिजनक कंटेट को लेकर बिचौलिए या मध्यस्थ की भूमिका में नहीं थे. मेटा ने कहा कि वे ही तय करते हैं कि कंटेट किसे मिलेगा. इसके साथ मेटा ने कहा कि IT एक्ट के तहत सेफ हार्बर उनपर लागू नहीं होता.
गौरतलब है कि सेफ हार्बर एक कानूनी प्रावधान है जो सोशल मीडिया और इंटरनेट कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर यूजर्श की तरफ से डाले जाने वाले कंटेंट (थर्ड-पार्टी डेटा) के लिए कानूनी जिम्मेदारी से छूट देता है.
गलती मानी, कहा- कुछ कंटेट के लिए बहुत सारा पैसा मिला
जकरबर्ग ने माना कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारा पैसा दिया गया था. उन्होंने माफी मांगी और गलती पर अफसोस जताया है. मार्क जकरबर्ग ने चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज मटीरियल (CSAM) कंटेंट, डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म चलाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी.
इस बीच मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने अपनी टीम के साथ आज इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की. मिनिस्टर के साथ मीटिंग करीब आधे घंटे तक चली. आज पहले मेटा के अधिकारियों ने MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन से भी मुलाकात की.
Joel Kaplan, Chief Global Affairs Officer at Meta, along with his team, met Ashwini Vaishnaw, Minister of Electronics and IT today. Meeting with minister lasted around half an hour. Earlier today Meta officials also met with MeitY Secretary S. Krishnan. https://t.co/kfIcMNdclk
— ANI (@ANI) August 5, 2026
बाल सुरक्षा आयोग ने मेटा को भेजा था नोटिस
इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने 3 जुलाई, 2026 को मेटा को एक नोटिस जारी किया था. इसमें एक मीडिया रिपोर्ट पर खुद से संज्ञान लिया गया था. रिपोर्ट में चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेटिव एंड अब्यूज मटीरियल (CSEAM) से जुड़े कथित विज्ञापनों के बारे में बताया गया था.
NCPCR ने इस मामले में मेटा से जवाब मांगा था. इसके जवाब में, मेटा ने एक हफ्ते बाद अपना जवाब दिया. इसके बाद आयोग ने कहा था कि इस मामले के खिलाफ जांच के रास्ते तलाशेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो मेटा से हटाए जाने पर बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि 'इस मामले में मेटा के ग्लोबल चीफ मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगनी चाहिए.'#NishikantDubey pic.twitter.com/aiybfaz8Yr
— NDTV India (@ndtvindia) August 3, 2026
संसदीय समिति ने कार्रवाई
3 अगस्त यानी सोमवार को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नियमन को लेकर इलेक्ट्रोनिक और आईटी मामलों की संसदीय सीमिति की बैठक में समिति ने मेटा समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बच्चों और महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक कंटेट को लेकर आपत्ति जताई थी. इसके बाद समिति के चेयरमैन निशिकांत दुबे ने सेफ हार्बर कैसिल किए जाने की संभावनाओं का भी जिक्र किया था.
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