अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी माना है कि पार्टी को ईरान के साथ युद्ध का खामियाजा भुगतना पड़ा है. इससे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ये बात कही थी. ट्रंप ने कहा कि वह जेडी वैन्स से सहमत हैं कि रिपब्लिकन मिडटर्म इसलिए हार गए क्योंकि ईरान युद्ध की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गईं. हालांकि ट्रंप ने कहा कि ईरान का साथ युद्ध को वह फिर से दोहराएंगे, क्योंकि वह इस लायक ही था.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कहा, "मुझे लगता है कि यह काफी हद तक सच है क्योंकि इससे गैसोलीन की कीमतें बढ़ गईं...लेकिन साथ ही अगर मुझे इसे फिर से करना पड़ा, तो मुझे इसे फिर से करना होगा, क्योंकि लंबे समय में, यही एकमात्र जवाब है. आप ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दे सकते."
हालांकि ट्रंप का कहना है कि अगर डेमोक्रेट्स जनवरी 2027 में नुकसान पहुंचाने वाले कानून पास करना चाहते हैं तो उनके पास पूरी वीटो पावर है.
President Trump Delivers Remarks, Nov. 4, 2026 https://t.co/ap3EFEibI6
— The White House (@WhiteHouse) November 4, 2026
वेंस ने क्या कहा था?
ट्रंप से पहले अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी माना था कि ईरान की वजह से रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म में हार मिली. उन्होंने एक्स पर लिखे एक लंबे पोस्ट में कहा, "हमारी हार की वजह युद्ध है. हर कोई जानता है कि हम क्यों हारे और आगे की कोई भी ईमानदार चर्चा इसी सच्चाई से शुरू होनी चाहिए."
उन्होंने लिखा कि एक डेटा विशेषज्ञ ने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी कि रिपब्लिकन समर्थक मतदान तो करेंगे, लेकिन उनमें से कई पार्टी से नाराज हैं और विपक्ष को वोट दे सकते हैं.
वेंस के अनुसार, यही बात चुनाव परिणामों में दिखाई भी दी. फ्लोरिडा जैसे राज्यों में रिपब्लिकन समर्थकों की भागीदारी मजबूत रही, लेकिन इसके बावजूद पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली.
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