- अमेरिका ने वेनेज़ुएला में सैन्य ऑपरेशन कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया है.
- यूरेशिया ग्रुप के अध्यक्ष इयान ब्रेमर के अनुसार यह सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि अमेरिका का एक जोखिम भरा जुआ है.
- ऑपरेशन में 40 वेनेज़ुएलन नागरिक और सैनिक मारे गए, जबकि अमेरिकी सेना के कोई हताहत नहीं हुए हैं.
अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला में किए गए सैन्य ऑपरेशन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल है. यूरेशिया ग्रुप के अध्यक्ष और वैश्विक जोखिम विशेषज्ञ इयान ब्रेमर ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा, 'यह सत्ता परिवर्तन नहीं, सत्ता का जुआ है. पासा फेंको और देखो आगे क्या होता है.'
वेनेजुएला से US की मांगें
ब्रेमर ने बताया कि अमेरिका वेनेज़ुएला से कई शर्तें पूरी करने की मांग कर रहा है. रूस, ईरान, क्यूबा और हिज़्बुल्लाह से संबंध तोड़ना, अमेरिकी कंपनियों को तेल और खनिजों तक प्राथमिक पहुंच देना और ड्रग्स निर्यात रोकना. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नई सरकार इन शर्तों को नहीं मानती, तो अमेरिका मादुरो की तरह फिर सैन्य कार्रवाई करेगा.
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इस बीच, अमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि यह 'सत्ता परिवर्तन' नहीं बल्कि 'व्यवहार में बदलाव' की मांग है.
मादुरो को उठा ले गई अमेरिकी सेना
बता दें कि शनिवार को हुए ऑपरेशन में मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोप हैं. इस कार्रवाई में 40 वेनेज़ुएलन नागरिक और सैनिक मारे गए, जबकि कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ.
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वेनेज़ुएला को 'चलाएगा' अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अनिश्चित अवधि तक वेनेज़ुएला को 'चलाएगा' ताकि तेल हित सुरक्षित किए जा सकें. इसके अलावा, ट्रंप गाज़ा के लिए 'पोस्टवार बोर्ड ऑफ पीस' का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे अमेरिका एक और लंबे मिडिल ईस्ट एंगेजमेंट में शामिल होगा.
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