दुनिया में कुछ घड़ियां सिर्फ समय देखने के लिए नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल मानी जाती हैं. ऐसी ही एक लिमिटेड एडिशन घड़ी ने यूरोप और अमेरिका में ऐसा पागलपन मचा दिया कि लोग कई-कई दिन लाइन में खड़े रहे, इस घड़ी के लिए मार हो गई है, पुलित को आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े हैं. यह घड़ी मशहूर ब्रांड Swatch (स्वाच) और लग्जरी वॉचमेकर Audemars Piguet (ऑडेमर्स पिगुएट) ने मिलकर बनाई है. आमतौर पर ऑडेमार्स पिगे की घड़ियां लाखों-करोड़ों रुपये की होती हैं, लेकिन यह खास मॉडल अभी स्टोर पर काफी कम कीमत में मिल रहा है. लोगों को उम्मीद है कि बाद में इसे कई गुना ज्यादा दाम में बेचा जा सकेगा. इसी लालच और क्रेज ने दुकानों के बाहर भारी हंगामा खड़ा कर दिया.
स्टोर बंद करने पड़े
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार Swatch ने ब्रिटेन और यूरोप व अमेरिका के कुछ शहरों में अपने स्टोर बंद कर दिए हैं. इसकी वजह लिमिटेड एडिशन घड़ी लॉन्च होने के बाद मचा भारी हंगामा था. खरीदार पूरी रात और कुछ मामलों में कई दिनों तक लाइन में लगे रहे. वे शनिवार को लॉन्च हुई “रॉयल पॉप” घड़ी खरीदना चाहते थे. लेकिन जब मैनचेस्टर, कार्डिफ, बर्मिंघम, लिवरपूल और शेफील्ड के स्टोरों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, तो पुलिस बुलानी पड़ी.

इन घड़ियों को खरीदने के लिए मचा है हंगामा
Cops pulled out the pepper spray at the @swatch x @audemarspiguet drop in Long Island 📷
— Complex Style (@ComplexStyle) May 16, 2026
📷: @gg.chang (via IG) pic.twitter.com/fK0vprS9d5
फ्रांस के कई शहरों में शुक्रवार रात से शनिवार तक सैकड़ों लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं. द गार्डियन ने रिपोर्ट छापी है कि पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पेरिस में स्वॉच की दुकान के बाहर करीब 300 लोगों की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी. इस दौरान दुकान का मेटल शटर और दो सुरक्षा गेट भी टूट गए. इटली के मिलान में भी शनिवार सुबह स्टोर खुलते ही झगड़ा हो गया.
अमेरिका में बात करें तो न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर स्थित स्वॉच स्टोर के बाहर भी भारी धक्का-मुक्की हुई. बुधवार से लाइन में लगे जॉन मैकिन्टॉश ने AFP को बताया, “हालात किसी म्यूजिक कॉन्सर्ट की भीड़ जैसे थे.”

5 दिन तक लाइन में लगे लोग
लोगों में क्रेज क्यों है?
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार न्यूयॉर्क में 44 साल के मैकिन्टॉश ने कहा, “जो लोग कल रात आए, वे आगे पहुंच गए. जो लोग सुबह लाइन काटकर आए, वे भी आगे घुस गए. जो सबसे ज्यादा धक्का दे रहा था, वही आगे निकल रहा था.”
कई अन्य लोगों की तरह मैकिन्टॉश भी इन रंग-बिरंगी घड़ी खरीदकर तुरंत ज्यादा दाम में बेचने की उम्मीद कर रहे थे. यह घड़ी स्टोर में 400 से 420 डॉलर में बिक रही थी (भारतीय करेंसी में लगभग 40 हजार रुपए). एक दूसरे खरीदार मैक ने बताया कि वह पांच दिन लाइन में लगने के बाद घड़ी खरीद पाए. उन्होंने AFP से कहा, “हालात बहुत खराब थे, लेकिन मैं अंदर जाने में कामयाब रहा. इसकी असली कीमत करीब 400 डॉलर है, लेकिन मैंने अभी एक घड़ी 4,000 डॉलर में बेच दी.”
30 साल के बेनी ने लाइन में लगने के बजाय सीधे ज्यादा पैसे देकर घड़ी खरीदी. उन्होंने 2,400 डॉलर खर्च किए. बेनी ने कहा, “यह असली कीमत से करीब 2,000 डॉलर ज्यादा है, लेकिन ऑडेमर्स पिगुएट की घड़ी इतनी कम कीमत में नहीं मिलती. इसलिए मुझे लगा कि यह अच्छी डील है. मैं लाइन में लगने से बेहतर ज्यादा पैसे देकर इसे खरीदना चाहता था.”
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