दिल्ली की रहने वाली सलोनी को जींस पहनने का खूब शौक था. हर 15 दिन में वे अपने लिए कोई न कोई ट्रेंडिंग जींस खरीदकर ले आती थीं और इस बार भी बिल्कुल वही हुआ. सलोनी बाज़ार गईं और अपने लिए एक नई जींस खरीदकर ले आईं, लेकिन जब वे उसे पहनकर चेक कर रही थीं, तो उनकी छोटी उंगली जींस की सबसे छोटी पॉकेट में फंस गई. ये पॉकेट इतनी छोटी थी कि इसमें मोबाइल भी नहीं रखा जा सकता था. फिर सलोनी के दिमाग में आया कि जब इस पॉकेट में कुछ रख नहीं सकते, तो आखिर इसे दिया ही क्यों गया है? चलिए इस छोटी पॉकेट को क्यों बनाया गया है, इसकी हिस्ट्री क्या है, सभी सवालों के जवाब जानते हैं.

जींस की जेब छोटी क्यों होती है
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जींस में छोटी पॉकेट को क्या कहा जाता है?
इस छोटी पॉकेट को "वॉच पॉकेट" कहा जाता है.
जींस में छोटी जेब क्यों?
जींस में छोटी पॉकेट की शुरुआत साल 1873 में हुई थी.
इस छोटी पॉकेट को क्यों बनाया?
पहले के समय में लोग हाथ में घड़ियां नहीं पहनते थे. ज्यादातर लोगों के पास पॉकेट वॉच हुआ करती थी. उन्हें टूटने या खराब होने से बचाने के लिए जींस में इस छोटी जेब को बनाया गया था.
जींस में छोटी जेब सबसे पहले किसने बनाई?
जींस बनाने वाली कंपनी लेवीज़ और दर्ज़ी जैकब डेविस ने जींस में छोटी जेब बनाई थी.
आज भी क्यों बनाई जाती है ये जेब?
पॉकेट वॉच का ज़माना तो चला गया, लेकिन अब आप इस जेब में सिक्के, अंगूठी, ईयरबड्स, यूएसबी ड्राइव, लाइटर या छोटी चाबियां जैसी चीजें रख सकते हैं. इतना ही नहीं, आज भी इसे जींस के क्लासिक लुक का अहम हिस्सा माना जाता है.
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