दिल्ली की रहने वाली सलोनी को जींस पहनने का खूब शौक था. हर 15 दिन में वे अपने लिए कोई न कोई ट्रेंडिंग जींस खरीदकर ले आती थीं और इस बार भी बिल्कुल वही हुआ. सलोनी बाज़ार गईं और अपने लिए एक नई जींस खरीदकर ले आईं, लेकिन जब वे उसे पहनकर चेक कर रही थीं, तो उनकी छोटी उंगली जींस की सबसे छोटी पॉकेट में फंस गई. ये पॉकेट इतनी छोटी थी कि इसमें मोबाइल भी नहीं रखा जा सकता था.
फिर सलोनी के दिमाग में आया कि जब इस पॉकेट में कुछ रख नहीं सकते, तो आखिर इसे दिया ही क्यों गया है? चलिए इस छोटी पॉकेट को क्यों बनाया गया है, इसकी हिस्ट्री क्या है, सभी सवालों के जवाब जानते हैं.
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जींस की जेब छोटी क्यों होती है. Photo Credit: NDTV
छोटी जेब की शुरुआत की मजेदार कहानी
साल 1853 में लिवाय स्ट्रॉस नाम के एक व्यापारी ने नीली जीन्स बनाने सबसे पहली कंपनी वाली लिवाइस स्ट्रॉस एंड की शुरुआत की थी, लेकिन इस कंपनी को पेटेंट साल 1873 में मिला. मजे की बात यह है कि जब कंपनी ने जींस का पेटेंट दर्ज करवाया तो जेब के साथ एक छोटी पॉकेट भी दी और इसी के साथ इस डिजाइन की शुरुआत हुई और तब से ही जींस का ये डिजाइन मार्केट में चला आ रहा है.
लिवाइस स्ट्रॉस एंड कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद 'The History of Denim' में भी बताया गया है कि जीन्स के शुरुआती डिजाइनों में यह छोटी पॉकेट शामिल थी, जो बाद में जीन्स की पहचान बन गई.
जींस में छोटी पॉकेट को क्या कहा जाता है?
इस छोटी पॉकेट को "वॉच पॉकेट" कहा जाता है. पहले के समय में लोग हाथ में घड़ियां नहीं पहनते थे. ज्यादातर लोगों के पास पॉकेट वॉच हुआ करती थी. उन्हें टूटने या खराब होने से बचाने के लिए जींस में इस छोटी जेब को बनाया गया था, लेकिन अब समय के साथ लोगों ने भी अपनी चॉइसेस बदल ली हैं.
पॉकेट वॉच का ज़माना तो चला गया, लेकिन अब ज्यादातर लोग इस छोटी जेब में सिक्के, अंगूठी, ईयरबड्स, यूएसबी ड्राइव, लाइटर या छोटी चाबियां जैसी चीजें रख लेते हैं.
जींस कितनी तरह की जेब होती हैं?
- फ्रंट पॉकेट: इस पॉकेट में आप मोबाइल, वॉलेट और दूसरी जरूरी चीजें रखी सकते हैं. इसे क्रॉस पॉकेट के नाम से भी जाना जाता है.
- बैक पॉकेट: जीन्स के पीछे की ओर बनी जेबें. यह स्टाइल और सामान रखने दोनों के लिए इस्तेमाल की जाती है. इसे पीछे की जेब के नाम से भी जाना जाता है.
- कॉइन पॉकेट: आगे की दाईं जेब के अंदर बनी ये छोटी जेब, पहले सिक्के रखने के काम आती थी, इसलिए इसे कॉइन पॉकेट कहा जाता है.
- वॉच पॉकेट: जींस की सबसे छोटी पॉकेट को वॉच पॉकेट के नाम से जाना जाता है.
- कार्गो पॉकेट: कुछ खास तरह की जींस में साइड में बड़ी-बड़ी जेबें होती हैं, इन्हें कार्गो पॉकेट कहा जाता है.
- फ्लैप पॉकेट: ऐसी जेब जिसके ऊपर कपड़े का ढक्कन लगा होता है. यह सामान को सेफ रखने में मदद करती है.
- ज़िप पॉकेट: जिप वाली जेब, जिसमें कीमती सामान सेफ रखा जा सकता है.
- पैच पॉकेट: यह जेब कपड़े के ऊपर से सिलकर लगाई जाती है. अक्सर बैक पॉकेट इसी डिजाइन की होती हैं.
- स्लांट पॉकेट: तिरछे कट वाली जेब, जो हाथ डालने में ज्यादा आरामदायक होती है.
- सीक्रेट पॉकेट: कुछ आधुनिक जींस में छिपी हुई छोटी जेब भी दी जाती है, जिसमें छोटी चीजें रखी जा सकती हैं.
जींस की पॉकेट को कैसे सजाएं?
अक्सर हम जींस की पॉकेट को सजाने के लिए तरह-तरह के ज्वेलरी बाहर से खरीदकर ले आते हैं, जिसपर हम न सिर्फ ज्यादा खर्चा करते हैं, बल्कि शौक-शौक में ज्यादा सामान भी खरीद लाते हैं, लेकिन अब आपको यह नहीं करना पड़ेगा. आप चाहें, तो जींस की पॉकेट को सजाने के लिए अपनी पसंद की कढ़ाई भी कर सकते हैं.
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