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IIT से भी ज्यादा मुश्किल है पेपर, एग्जाम पास करने पर हो जाती है शादी; लाइफ मानी जाती है सेट

साउथ कोरिया के सबसे टफ एग्जाम में चीटिंग करने वालों पर वहां की सरकार और शिकंजा करने वाली है. स्मार्ट चश्मों से नकल करते पकड़े जाने वाले छात्र तीन साल तक दोबारा परीक्षा नहीं दे पाएंगे.

IIT से भी ज्यादा मुश्किल है पेपर, एग्जाम पास करने पर हो जाती है शादी; लाइफ मानी जाती है सेट
साउथ कोरिया की कॉलेज प्रवेश परीक्षा- सुनुंग देता छात्र (फोटो- AFP)

AI वाला चश्मा पहनकर साउथ कोरिया के सबसे टफ एग्जाम में चीटिंग करने वालों पर वहां की सरकार और शिकंजा करने वाली है. देश की यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा में स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल करके नकल करते पकड़े जाने वाले छात्रों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया जाएगा और इनके इस्तेमाल पर सजा को और सख्त किया जाएगा. साउथ कोरिया के एक सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी AFP को यह बताया. 

स्मार्ट ग्लास की बिक्री दुनिया भर में बढ़ रही है. इन चश्मों से फोटो और वीडियो लिए जा सकते हैं, इसमें AI लगा होता है और AI असिस्टेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इनमें कई अन्य खूबियां भी होती हैं. लेकिन इन गैजेट्स को लेकर विरोध भी बढ़ रहा है. लोगों को चिंता है कि बिना उनकी सहमति के उनकी वीडियो या फोटो ली जा सकती है, और परीक्षा में नकल करने वाले भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं.

साउथ कोरिया का सबसे टफ एग्जाम, अब चीटिंग की हो खैर नहीं

साउथ कोरिया की कॉलेज प्रवेश परीक्षा को सुनुंग (Suneung) कहा जाता है. यह बहुत कठिन होती है. साउथ कोरिया की टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए यह परीक्षा पास करना जरूरी है. इस एग्जाम को साउथ कोरिया में आर्थिक सुरक्षा और यहां तक ​​कि एक अच्छी शादी के लिए भी एक अहम जरिया माना जाता है. 

"सुनुंग" परीक्षा का महत्व इतना अधिक है कि इसके दिन, अंग्रेजी 'लिसनिंग टेस्ट' के दौरान पूरे देश में 35 मिनट के लिए उड़ानों पर रोक लगा दी जाती है. सिर्फ आपातकालीन स्थितियों में प्लेन उड़ते हैं. साथ ही बैंकों और सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों से कहा जाता है कि वे काम पर एक घंटा देरी से आएं, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक से बचा जा सके. खास बात है कि इस पेपर में भी भारत के IIT एक्जाम की तरह ही 1-2 परसेंट कैंडिडेट पास होते हैं लेकिन सुनुंग में एक ही दिन में लगातार 8 घंटे का मैराथन एग्जाम होता है.  

अब शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ली जून-ह्युक ने AFP को बताया कि भविष्य में, "स्मार्ट चश्मों से नकल करते पकड़े जाने वाले छात्रों के खिलाफ मंत्रालय क्रिमिनल केस दर्ज कराएगा."

अधिकारियों की योजना के अनुसार, स्मार्ट चश्मों से नकल करते पकड़े जाने वाले छात्र तीन साल तक दोबारा परीक्षा नहीं दे पाएंगे. अभी इसके लिए एक साल की सजा का प्रावधान है. ली ने बताया कि ये नए नियम अगले महीने होने वाली कॉलेज प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होने की संभावना कम है. उन्होंने कहा, "परीक्षा में अब केवल 20 दिन बचे हैं, इसलिए उससे पहले कानून में बदलाव करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल होगा. हालांकि, हमारी योजना है कि अगले साल की परीक्षा से ये बदलाव लागू हो जाएं."

क्यों उठाना पड़ा कदम

यह कदम तब उठाया गया है जब सियोल की यूनिवर्सिटी में निबंध परीक्षाओं के दौरान तीन छात्रों को स्मार्ट चश्मा पहने या अपने पास रखे हुए पकड़ा गया. दुनिया भर के स्कूलों में इनका इस्तेमाल एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. इस गर्मी में, ताइपे की फेमस नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी में एक छात्र को AI स्मार्ट चश्मे का इस्तेमाल करके नकल करने के कारण प्रवेश परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.

सियोल के शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को स्मार्ट चश्मों से नकल रोकने के लिए नए उपाय घोषित किए. इनमें हर परीक्षा केंद्र पर एक "विशेष स्टाफ सदस्य" को तैनात करना शामिल है, जो संदिग्ध चश्मों की पहचान करेगा.

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