- ईरान-अमेरिका के संघर्षविराम के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी बहुत सीमित है.
- अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत बोत्सवाना के झंडे वाला माब‑5 नामक तेल टैंकर ही होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सका है.
- तीन दिनों में इस समुद्री मार्ग से केवल 19 जहाज गुजरे हैं, जिनमें चार टैंकर और बाकी कंटेनर शिप हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के ऐलान के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी बेहद सीमित बनी हुई है. शिपिंग डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि आज अब तक सिर्फ एक तेल टैंकर इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर पाया है.
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाला माब‑5 नामक तेल टैंकर, जो बोत्सवाना के झंडे के तहत पंजीकृत है, ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया. यह जानकारी जहाज़ों की गतिविधि पर नजर रखने वाली वेबसाइट MarineTraffic के AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) डेटा से सामने आई है.
जहाजों के डेटा से संकेत मिलते हैं कि बीते तीन दिनों में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बेहद कम रही है. जहाजों को इस क्षेत्र में ऐसे संदेश मिले हैं जिनमें कहा गया है कि बिना अनुमति जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश करने पर उन्हें निशाना बनाकर नष्ट किया जा सकता है. इसी आशंका के चलते अधिकांश जहाजों ने अब तक आवाजाही से परहेज किया है.
सीजफायर के बाद सिर्फ 19 जहाजों ने पार किया होर्मुज
10 अप्रैल को रात 9:30 बजे तक, संघर्षविराम के बाद से केवल 19 जहाजों के ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की पुष्टि हो सकी है. इनमें से सिर्फ चार जहाज तेल, गैस या केमिकल टैंकर थे, जबकि बाकी बल्क कैरियर और विभिन्न प्रकार के कंटेनर शिप थे. यह आंकड़े BBC Verify द्वारा शिप‑ट्रैकिंग वेबसाइट MarineTraffic के डेटा के विश्लेषण पर आधारित हैं.
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AIS सिग्नल को बंद कर भी गुजर सकते हैं जहाज
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जहाज अपने AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) सिग्नल को बंद भी कर सकते हैं. ऐसे में यह संभावना बनी हुई है कि कुछ जहाज बिना ट्रैक हुए जलडमरूमध्य से गुजर रहे हों.
समुद्री रूट पर आवाजाही प्रभावित
बता दें कि तेल टैंकर के अलावा, भारत के झंडे वाला एक छोटा ‘सेलिंग वेसल' भी आज होर्मुज से निकलकर ओमान की खाड़ी की ओर गया. इसके साथ ही दो अन्य जहाज, एक पनामा का बल्क कैरियर और दूसरा भारत का मालवाहक जहाज फारस की खाड़ी की ओर जाते देखे गए.
गौरतलब है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से सामान्य तौर पर वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होकर गुजरता है. ईरान इस जलमार्ग के उत्तरी हिस्से को नियंत्रित करता है.
होर्मुज बंद होने से दुनिया परेशान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बुधवार सुबह अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद से इस क्षेत्र में समुद्री ट्रैफिक लगभग ठप बना हुआ है. लॉयड्स लिस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध से पहले रोज़ाना औसतन 107 मालवाहक जहाज़ होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरते थे. इस स्तर पर आवाजाही की बहाली वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतें बढ़ रही हैं और संभावित कमी की आशंका बनी हुई है.
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