- रैपिडन एनर्जी ग्रुप के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर मंदी का खतरा है
- जुलाई में जलडमरूमध्य खुलने पर तेल की मांग में औसतन छब्बीस लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आ सकती है
- अगर अगस्त तक जलडमरूमध्य बंद रहता है तो तीसरी तिमाही में तेल आपूर्ति घाटा छह अरब बैरल प्रतिदिन हो जाएगा
ब्लूमबर्ग ने रैपिडन एनर्जी ग्रुप के विश्लेषण का हवाला देते हुए लिखा है कि अगस्त तक होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर 2008 के वित्तीय संकट के बराबर की मंदी का खतरा मंडरा रहा है. सलाहकार फर्म के अनुमान के अनुसार, अगर जलडमरूमध्य जुलाई में खुल जाएगा तो इस स्थिति में, विश्लेषकों का अनुमान है कि "तेल की मांग में औसतन 26 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आएगी और बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की हाजिर कीमत गर्मियों में लगभग 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी."
मगर अगर अगस्त तक होर्मुज बंद रहा तो वर्ष की तीसरी तिमाही में तेल आपूर्ति घाटा बढ़कर 6 अरब बैरल प्रतिदिन हो जाएगा.
एजेंसी ने रैपिडन के विश्लेषकों के हवाले से एक नोट में कहा, “वर्तमान मैक्रो आर्थिक स्थिति 1970 के दशक या 2007-08 की तुलना में कम है. लेकिन यह इस जोखिम को खत्म नहीं करता कि तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि से वित्तीय और मैक्रो आर्थिक कमजोरियां और बढ़ सकती हैं.”
कैसे बंद हुआ होर्मुज
28 फरवरी को, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए. तेहरान सहित ईरान के प्रमुख शहरों पर हमला हुआ. बाद में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इजरायल के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की घोषणा की.
बहरीन, जॉर्डन, इराक, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करने वाले देशों से जुड़े जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला किया.
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