- ग्रेसन को जनवरी 2026 में 20 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.
- इलिनोइस के पूर्व शेरिफ डिप्टी शॉन ग्रेसन को एडवांस्ड कोलन कैंसर था.
- शॉन ग्रेसन ने मेडिकल आधार पर मांगी थी रिहाई.
अमेरिका में इलिनोइस के पूर्व शेरिफ डिप्टी शॉन ग्रेसन की जेल में मौत हो गई है. ग्रेसन सोन्या मैसी की 2024 में हुई हत्या के मामले में 20 साल की सजा काट रहे थे. ग्रेसन के वकील ने रविवार 23 अगस्त को उनकी मौत की जानकारी दी, लेकिन अभी तक मौत की वजह नहीं बताई गई है. ग्रेसन को स्टेज 4 का कोलन कैंसर था और हाल ही में उन्होंने अपनी हालत को देखते हुए जेल से मेडिकल आधार पर रिहाई की मांग की थी. इलिनोइस प्रिजनर रिव्यू बोर्ड ने जुलाई में उस अनुरोध को खारिज कर दिया.
ग्रेसन को अक्टूबर 2025 में सेकंड-डिग्री मर्डर का दोषी ठहराया गया और जनवरी 2026 में 20 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई. उस समय वह 32 साल का था. फिलहाल शॉन ग्रेसन की मौत की कोई स्पष्ट वजह पता नहीं चली है. उनके वकील ने बताया कि जेल में उनकी मौत हो गई, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि असल में क्या हुआ था.
ग्रेसन को एडवांस्ड कोलन कैंसर था. 'कैपिटल न्यूज़ इलिनोइस' के मुताबिक, 2023 में उन्हें इस बीमारी का पता चला था और बाद में कैंसर उनके लिवर और फेफड़ों तक फैल गया था. इस साल उनकी सेहत उनके कानूनी मामले का एक अहम हिस्सा बन गई थी, क्योंकि उन्होंने मेडिकल आधार पर जेल से रिहाई की मांग की थी. जुलाई में इलिनोइस प्रिजनर रिव्यू बोर्ड ने उनकी अर्ज़ी ठुकरा दी थी. तीन सदस्यों वाले बोर्ड ने सर्वसम्मति से उनकी मेडिकल रिहाई के खिलाफ वोट दिया, जिसका मतलब था कि ग्रेसन अपनी मौत तक हिरासत में ही रहे.
शॉन ग्रेसन जेल में क्यों थे?
ग्रेसन 20 साल की सजा काट रहे थे, क्योंकि उन्हें सोन्या मैसी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सेकंड-डिग्री मर्डर का दोषी पाया गया था. 36 साल की मैसी ने जुलाई 2024 में स्प्रिंगफील्ड, इलिनोइस में अपने घर के पास किसी संदिग्ध व्यक्ति के होने की सूचना देने के लिए 911 पर कॉल किया था. ग्रेसन और एक अन्य डिप्टी ने कॉल पर कार्रवाई की और बाद में उनके घर में दाखिल हुए. बॉडी-कैमरा फुटेज में ग्रेसन को मैसी के साथ उनके किचन में आमना-सामना करते हुए दिखाया गया. इस दौरान मैसी ने कहा, "मैं यीशु के नाम पर तुम्हें फटकारती हूं." इसके जवाब में ग्रेसन ने कहा, "मैं तुम्हारे चेहरे पर गोली मार दूँगा," और फिर अपनी बंदूक से गोली चला दी. गोली लगने से मैसी की मौत हो गई.
बाद में ग्रेसन ने दावा किया कि मैसी ने उबलते पानी के बर्तन से उन पर हमला किया था. मेडिकल-रिलीज की अपनी अर्ज़ी में उन्होंने लिखा, "घर के अंदर उन्होंने उबलते पानी के बर्तन से मुझ पर हमला किया और मैंने मैसी को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई."
शॉन ग्रेसन ने मेडिकल आधार पर रिहाई क्यों मांगी थी?
ग्रेसन ने इलिनोइस के 'जो कोलमैन एक्ट' के तहत रिहाई के लिए अर्जी दी थी. यह कानून कुछ गंभीर रूप से बीमार कैदियों को खास शर्तों पर रिहाई पाने की इजाज़त देता है. उनके वकीलों ने उनके एडवांस्ड कैंसर का हवाला दिया था। हालांकि, 'प्रिजनर रिव्यू बोर्ड' ने जुलाई में उनकी अर्ज़ी ठुकरा दी और उन्हें सज़ा पूरी करने के लिए जेल में ही रखा. सोन्या मैसी के परिवार ने उनकी रिहाई का विरोध किया था. जून में सोन्या की कज़िन सोंटे मैसी ने 'कैपिटल न्यूज़ इलिनोइस' से कहा था, "वह एक कातिल है. मुझे अफ़सोस है कि उसे तकलीफ़ झेलनी पड़ रही है, लेकिन उसने जो किया है, उसकी सज़ा तो उसे भुगतनी ही होगी." ग्रेसन की मौत उनकी 20 साल की सजा शुरू होने के सात महीने से भी कम समय में हो गई. उनके वकील ने अभी तक उनकी मौत कब और कैसे हुई, इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी है.
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