एशियन गेम्स में मनु भाकर मेडल नहीं जीत पाई हैं. एशियाई गेम्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भाकर पांचवें नंबर पर रहीं. मेडल से चूक जाने के बाद मनु भाकर का पहला रिएक्शन सामने आया है. भाकर सबसे पहले पहले कोच को लेकर बात की और उनके बारे में बात करते हुए काफी इमोशनल भी हुईं. एशियन गेम्स में पोडियम तक न पहुंच पाने के बाद जब उनसे पिस्टल के दिग्गज के बारे में पूछा गया, तो भाकर बहुत भावुक हो गईं और उन्होंने बताया कि वे उन्हें क्या सीख देकर गए थे.
जून में राणा के निधन के बाद एशियाई खेल पहला ऐसा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है जिसमें वह हिस्सा ले रही हैं. उनके नाम का जिक्र आते ही उन्हें उस कोच की याद आ गई, जिनका उनके करियर के शुरुआती दिनों से ही उन पर बहुत गहरा असर रहा था. भाकर ने भावुक होते हुए कहा, "अगर मैं उन सभी सालों को याद करूं... तो ऐसा नहीं है कि आप बस एक-दो बार याद करते हैं, वे यादें आपके साथ रहती हैं. जब कोई व्यक्ति आपकी जिंदगी का अहम हिस्सा रहा हो, तो वह हमेशा साथ रहता है."
उन्होंने उस कोच को याद किया जिन्होंने उन्हें 2024 पेरिस ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाने में मदद की थी. राणा खुद एशियाई गेम्स के एक दिग्गज खिलाड़ी थे, जिन्होंने तीन अलग-अलग संस्करणों में आठ मेडल जीते थे, जिनमें से चार गोल्ड थे. साल 2006 दोहा एशियाई खेलों में उनके तीन गोल्ड मेडल उनकी शानदार विरासत का हिस्सा हैं, क्योंकि उन्होंने तेज बुखार होने के बावजूद शूटिंग रेंज में हिस्सा लिया था.

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भाकर ने बताया कि एक कोच के तौर पर राणा की सबसे अहम सीख यह थी कि नतीजे के बजाय प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए. भाकर ने एशियाई गेम्स के फाइनल में इस सलाह को मानने की कोशिश की थी, जहां 8.9 के स्कोर ने उनके मेडल जीतने की संभावनाओं को काफ़ी नुकसान पहुंचाया था. उन्होंने कहा, "वे हमेशा प्रक्रिया पर बहुत जोर देते थे.. कि आपको किसी भी दिन, जिंदगी के किसी भी मोड़ पर, जब भी आप शूट करें, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और अपनी प्रक्रिया का पालन करने में सक्षम होना चाहिए." राणा की गैर-मौजूदगी ने इस नतीजे को और भी ज़्यादा भावनात्मक बना दिया.

भाकर ने उन्हें एशियाई चैंपियन और "बेहतरीन से भी बेहतरीन" बताया और याद किया कि वह उनकी देखरेख में जापान में खेलने के लिए कितनी उत्साहित थीं. उन्होंने खुद को संभालते हुए कहा, "बेशक, वे एशियाई चैंपियन थे, वे बेहतरीन से भी बेहतरीन थे. जब मैं एशियाई गेम्स (2018 जकार्ता) में आई थी, तो मुझे लगता है कि वे निर्विवाद चैंपियन थे और हां, मैं असल में जापान जाने के लिए बहुत उत्साहित थी और हालात ऐसे थे कि..."
मेडल न जीत पाने पर भाकर ने कहा
मनु ने कहा, "मैंने सच में अपनी पूरी कोशिश की और मुझे सच में लगता है कि मेरा प्रदर्शन उन चुनौतियों के मुकाबले काफी बेहतर था जिनका सामना मैं जापान में अपनी ट्रेनिंग के दौरान कर रही थी, मुझे सच में अफ़सोस है कि मैं पोडियम तक नहीं पहुंच पाई और मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं आगे बेहतर कर पाऊंगी." फाइनल में उनके आठवें शॉट पर मिला 8.9 स्कोर एक बड़ा झटका साबित हुआ, जब उनसे पूछा गया कि क्या इस शॉट ने उनके मौकों को कम कर दिया, तो भाकर ने साफ़ तौर पर कहा, "चाहे कोई इसे कितना भी नकारना चाहे, हां, इसने निश्चित रूप से मौकों को काफ़ी कम कर दिया. "
भाकर ने बताया कि उनकी तैयारी में कुछ दिक्कतें आईं, उन्होंने खुलासा किया कि मंगलवार का प्री-ट्रेनिंग सेशन काफ़ी मुश्किल था और उन्हें काफ़ी संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने कहा, "मुझे कुछ दिक्कतें हुईं, जैसे कल PT (प्री-ट्रेनिंग) बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही..काफी संघर्ष करना पड़ा, कई चीज़ें हुईं और मैं साइटर्स को ठीक से देख नहीं पा रही थी."
इसलिए उन्होंने क्वालिफ़िकेशन और फाइनल दोनों में अपने प्रोसेस को पूरा करने को प्राथमिकता दी. उन्होंने कहा, "मेरा प्रोसेस सबसे जरूरी चीज थी और मैं क्वालिफ़िकेशन और फाइनल दोनों में ऐसा कर पाई. ज़्यादातर शॉट्स मैंने ठीक वैसे ही लगाए जैसा मैंने प्लान किया था, यानी जैसा मेरा प्रोसेस है. हालांकि, कुछ शॉट्स उतने अच्छे नहीं थे."

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भाकर को इस बात से भी आत्मविश्वास मिला कि एशियन गेम्स के फ़ाइनल में उनका प्रदर्शन, गेम्स से पहले भोपाल में सिमुलेटेड फाइनल के दौरान किए गए प्रदर्शन से बेहतर था. पने कोच के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए उन्होंने कहा, "अगर आप वहाँ के प्रदर्शन की तुलना यहाँ के प्रदर्शन से करें, तो यहां का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर है."
"मुझे पूरा भरोसा है कि भविष्य में मैं और भी बेहतर कर सकती हूं और लगातार सुधार कर सकती हूं. उन्होंने आगे कहा, "कोच जेलेना... उन्होंने हर चीज में बहुत मेहनत की है और बहुत धैर्य रखा है." पांचवें स्थान पर रहने के कारण भाकर इन खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल में कोई व्यक्तिगत मेडल नहीं जीत पाईं, लेकिन उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से उन्हें सकारात्मक बने रहने की वजह मिली है.
(PTI के इनपुट के साथ)
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