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This Article is From Jul 31, 2012

इस्राइल पर दिया अपना बयान स्पष्ट करें रोमनी : व्हाइट हाउस

इस्राइल पर दिया अपना बयान स्पष्ट करें रोमनी : व्हाइट हाउस
वाशिंगटन: व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी से उनके उस बयान का स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नीति के खिलाफ येरूशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर समर्थन दिया है।

अपनी तीन देशों की यात्रा के दौरान रोमनी ने बीते रविवार येरूशलम में एक भाषण दिया। इस भाषण में रोमनी ने इस शहर को ‘इस्राइल की राजधानी’ बताते हुए इसका समर्थन किया था। यह यहूदी देश तो इस्राइल को अपनी राजधानी मानता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया गया है।

रोमनी के इस बयान को फलस्तीनी मध्यस्थ सइब इराकात ने तुरंत ही ‘अस्वीकार्य’ और ‘क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए नुकसानदायक’ बताते हुए खारिज कर दिया।

इसके बाद सोमवार को ही रोमनी ने दोबारा विवादास्पद बयान दिए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के दफ्तर व्हाइट हाउस ने उनसे उनके बयानों पर स्पष्टीकरण की मांग की। रोमनी ने कहा था कि इस्राइली ‘संस्कृति’ ने देश की आर्थिक तरक्की में योगदान दिया है। रोमनी के इस बयान को इराकात ने ‘नस्लीय’ करार दिया।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कल रोमनी के इस बयान के संदर्भ में कहा, ‘‘जब आप दुनिया के ऐसे संवेदनशील इलाके में जाते हैं तो आपके बयानों का अर्थ निकालने के लिए उन्हें बहुत करीब से समझा और विश्लेषण किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने पर आपको इस चुनौती से जूझना पड़ता है।‘’

अर्नेस्ट ने कहा कि यरूशलम के बारे में रोमनी का यह बयान लंबे समय से चली आ रही अमेरिकी नीति का विरोधी है। दरअसल फलस्तीनी लोग भविष्य में मिलने वाले राज्य की राजधानी यरूशलम के अर्धपूर्वी भाग को बनाने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा ‘‘इस प्रशासन का यह मानना है कि राजधानी वह होनी चाहिए जो शामिल पक्षों के बीच हुए निर्णायक समझौते के अनुसार हो। अगर रोमनी को इस स्थिति से असहमति है तो इसका अर्थ है कि उन्हें उस रूख से भी असहमति है जो राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और रोनाल्ड रीगन ने अपनाया था।’’

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