- अक्टूबर के बाद अमेरिका में अपाचे हेलीकॉप्टरों के पांच बड़े क्रैश हुए हैं, जिनमें सैनिकों की मौत भी शामिल है
- फिस्कल ईयर 2026 अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के मामले में दूसरा सबसे खराब साल बन सकता है
- सेना ने दुर्घटनाओं की वजह मानवीय गलतियों को बताया, जो पायलटों के कम अनुभव और ट्रेनिंग की जटिलता से जुड़ी हैं
अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्टर रिकॉर्ड संख्या में क्रैश हो रहे हैं. अक्टूबर के बाद से इस तरह के हेलीकॉप्टर के पांच बड़े क्रैश हुए हैं. इस महीने की शुरुआत में टेक्सास में हुए एक जानलेवा हादसे में दो सैनिकों की मौत हो गई और आग लग गई. इसके बाद आर्मी ने अपाचे पायलटों को रूटीन ट्रेनिंग उड़ानें भरने से कुछ समय के लिए रोक दिया था. इस क्रैश के साथ, 2011 में AH-64 का नया मॉडल आने के बाद से, अपाचे उड़ान दुर्घटनाओं के मामले में फिस्कल ईयर 2026 दूसरा सबसे खराब साल बनने की राह पर है.
क्यों हो रहे हादसे
CNN के डेटा रिव्यू के मुताबिक, इस साल अपाचे के बड़े क्रैश की दर आम सालों की तुलना में ज्यादा है और फिस्कल ईयर 2024 में सर्विस की सबसे गंभीर दर के बराबर है. दुर्घटना की दर, एयरक्राफ्ट के कुल उड़ान घंटों की तुलना में घटनाओं की संख्या पर आधारित है. इसकी गणना सार्वजनिक रूप से जारी डेटा और आर्मी द्वारा CNN को दिए गए मौजूदा साल के उड़ान घंटों के अनुमानों का इस्तेमाल करके की गई है.
वित्त वर्ष 2024 में, सेना के सभी हेलीकॉप्टर मॉडल में दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी के बीच अपाचे हेलीकॉप्टर के नौ बड़े क्रैश हुए. उस साल सेना के अधिकारियों ने एक खास सुरक्षा ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का आदेश दिया और दुर्घटनाओं की वजह मानवीय गलतियों को बताया. ये गलतियां पायलटों के कम अनुभव और रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद बड़े टकराव की तैयारी पर नए सिरे से ध्यान देने के कारण ट्रेनिंग की बढ़ती तीव्रता और जटिलता की वजह से हो रही थीं.
ट्रांसमिशन फेल होना भी वजह
लेकिन इस साल दुर्घटनाओं में हुई बढ़ोतरी के कारण उतने साफ नहीं हैं. सेना के फ्लाइट सेफ्टी से जुड़े एक आधिकारिक न्यूजलेटर के जुलाई अंक में कहा गया है कि इस साल हुई अपाचे दुर्घटनाओं (जिनमें छोटी-मोटी घटनाएं भी शामिल हैं) में से आधे से ज्यादा मुख्य रूप से मानवीय गलतियों की वजह से हुईं. यह साफ नहीं है कि सबसे गंभीर क्रैश में से कितने उपकरण खराब होने की वजह से हुए, लेकिन मैगजीन में कहा गया है कि "एक 'क्लास A' दुर्घटना में ट्रांसमिशन के बुरी तरह फेल होने की बात सामने आई थी."
भारत के लिए क्यों टेंशन
इस साल अपाचे के बड़े क्रैश की दर हर 1,00,000 उड़ान घंटों पर लगभग 6.24 रही है. फाइनेंशियल ईयर 2026 में अब तक इस अटैक हेलीकॉप्टर से जुड़े पांच 'क्लास A' उड़ान हादसे हुए हैं. 15 अगस्त तक अपाचे ने लगभग 80,171 घंटे उड़ान भरी थी. इस संख्या में 31 मार्च तक के 42,971 घंटे शामिल हैं. इन खबरों से भारत की भी टेंशन बढ़ गई है. भारत के पास कुल 28 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर हैं. इनमें से 22 भारतीय वायुसेना के पास और 6 थलसेना के पास है. ऐसे में अपाचे हेलीकॉप्टरों में खराबी भारतीय सेना के लिए भी बड़ा टेंशन है.
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