- नेपाल में आई भीषण बाढ़ और ग्लेशियर टूटने से लगभग 579 लोग मरे और 1924 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं
- नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना और बचाव दल हाई अलर्ट पर हैं और लगातार राहत कार्य कर रहे हैं
- चीन में भी बाढ़ से हालात गंभीर हैं, जहां मृतकों की संख्या बढ़ रही है और हजारों लोग सुरक्षित निकाले जा रहे हैं
आज रक्षाबंधन भारत में धूमधाम से मनाया गया. मगर पड़ोसी देश नेपाल में इस बार के रक्षाबंधन पर न तो किसी के चेहरे पर कोई खुशी नजर आई और न ही कोई उमंग. भाई आए तो पर खुशियां मनाने नहीं बल्कि दर्द बांटने. ऐसे ही एक परिवार के पास एनडीटीवी की टीम पहुंची तो पाया कि भाई पर्व पर घर तो आया लेकिन ना तो वहां हंसी-मजाक था और न ही कोई उल्लास. भाई घर के अंदर कूड़ा बिन रहा था तो बहन बाहर सामान समेट रही थी. कोशिश थी कि किसी तरह घर को कामचलाऊ किया जा सके.
धेनुका के घर पर एनडीटीवी पहुंची तो नजारा रक्षाबंधन जैसा तो कतई नहीं दिखा.धेनुका अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं. उनके पति विदेश में काम करते हैं. उनका भाई बसंत बहन की मदद के लिए आए थे. घर से मलबा हटाकर सामान निकाल रहे थे. धेनुका ने कहा कि अपना भाई तो भाई होता है ना. अपनी बहन की परेशानी समझ दौड़ा चला आया. बसंत ने बताया कि मेरी बहन बहुत स्ट्रांग है. हमारे पास अब कहने के लिए कुछ नहीं है. क्या कोई भाई अपनी बहन को इस हालत में देखना चाहेगा. मगर क्या करें, प्रकृति पर किसका जोर चलता है. धेनुका ने तो यहां तक कह दिया कि अब तो आंसू भी सूख चुके हैं. भाई आया है तो ढांढस है. लगा हुआ है मेरा घर ठीक करने में.
अब भी हाई अलर्ट पर
इसी तरह की कहानियां और इसी तरह का दर्द नेपाल में हर जगह देखने को मिल जाता है. कोई बोल देता है तो कोई सिर्फ सिसक कर रह जाता है. पर एक चीज जो हर जगह देखी जा सकती है वो है बेबसी. सभी इस त्रासदी के आगे बेबस हैं. उधर, शुक्रवार को बचाव कर्मियों ने गहरे भूरे रंग की कीचड़ में लिपटे बचे हुए लोगों को बाहर निकाला और हेलीकॉप्टरों से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. नेपाल और चीन भयानक बाढ़ से निपटने की कोशिश कर रहे थे, जिसमें लगभग 600 लोगों की मौत हो गई और करीब 2,500 लोग लापता हो गए.बुधवार को आई शुरुआती बाढ़ के बाद हिमालय की ऊंचाइयों पर बनी एक नई झील से और बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए बचाव टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि ग्लेशियर के टूटने से बनी यह झील, जिसके कारण बाढ़ आई थी, अब ओवरफ्लो होने लगी है.
देश के सबसे बुरी तरह प्रभावित जिले में एक हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग में फंसे 100 से ज्यादा लोगों को बचाने के लिए नेपाल की सेना को तैनात किया गया. आपदा प्रभावित इलाके में दूसरी जगहों की तरह, यहां भी कीचड़ की मोटी परतों के कारण उनका काम मुश्किल हो गया. नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को बताया कि बाढ़ से देश में 579 लोगों की मौत हुई है. बाद में नेपाली पुलिस ने मरने वालों की संख्या 553 बताई. चीन की तरफ बचे हुए लोगों के बारे में बहुत कम जानकारी मिली, जहां मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर पांच हो गई; सरकारी मीडिया ने गांवों से लोगों को सुरक्षित निकालने और नेताओं द्वारा राहत कार्यों के निर्देशन की तस्वीरें दिखाईं.
3,700 से ज्यादा लोगों को बचाया गया
नेपाल में अब तक 3,700 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है. इस बीच, देश में लापता लोगों की संख्या लगभग दोगुनी होकर 1,924 हो गई, क्योंकि सूची में और स्थानीय निवासियों के नाम जोड़े गए. चीन के सरकारी मीडिया ने पहले कहा था कि चीन की तरफ़ 558 लोग लापता हैं. लापता लोगों में सैकड़ों विदेशी शामिल हैं, जो वहां काम करने, ट्रेकिंग करने या किसी पवित्र चोटी की तीर्थयात्रा पर आए थे. तिब्बत की तरफ एक बांध टूटने की जानकारी मिलने के बाद नेपाली पुलिस ने शुक्रवार को नया अलर्ट जारी किया. सुरक्षा कर्मियों और बचाव व राहत कर्मियों को हाई अलर्ट पर रहने और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित जगह पर जाने के लिए कहा गया.
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