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स्टेज पर चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री को थमाया नोट, डरने के बजाय ड्रैगन को वहीं सुना दी खरी-खरी, VIDEO

फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने आधिकारिक X अकाउंट पर शेयर किया और बताया कि यह घटना सियोल डिफेंस डायलॉग 2026 के दौरान हुई है.

स्टेज पर चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री को थमाया नोट, डरने के बजाय ड्रैगन को वहीं सुना दी खरी-खरी, VIDEO
एक कार्यक्रम के दौरान चीन की ओर से फिलीपींस के रक्षा मंत्री को एक नोट थमाया गया (फोटो- स्क्रीनशॉट)
  • दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच तनाव सियोल डिफेंस डायलॉग 2026 में फिर सामने आया
  • चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो तेओदोरो को स्टेज पर नोट थमाया जिसमें चीन का पुराना रुख दोहराया था
  • तेओदोरो ने नोट को सार्वजनिक करते हुए चीन के व्यवहार की आलोचना की

दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच तनाव एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया और इस बार तो वीडियो भी है. मामला तब गरमा गया, जब साउथ कोरिया में एक कार्यक्रम के दौरान चीन की ओर से फिलीपींस के रक्षा मंत्री को एक नोट थमा दिया गया. नोट में दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन का पुराना रुख दोहराया गया था. फिर क्या था, फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो सी. तेओदोरो ने इस नोट को चुपचाप रखने के बजाय सबके सामने पढ़ा और चीन पर जमकर निशाना साधा.

क्या है पूरा मामला?

गिल्बर्टो तेओदोरो सियोल डिफेंस डायलॉग 2026 में भाषण दे रहे थे. तभी सफेद कोट पहने एक व्यक्ति उनके पास आया और उनकी मेज पर एक कागज रखकर चला गया. माना जा रहा है कि वह कार्यक्रम का कर्मचारी था. तेओदोरो ने भाषण रोककर कहा, "मेरे पास एक नोट है. मुझे लगता है कि यह चीन की तरफ से है." उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्हें इसे पढ़ना चाहिए. इसके बाद उन्होंने नोट में लिखी बातें सबको सुनाईं.

नोट में कहा गया था कि दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन का रुख साफ और मजबूत है. चीन 2016 में फिलीपींस के पक्ष में आए अंतरराष्ट्रीय फैसले को नहीं मानता. चीन का कहना है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इसे मानना उसके लिए जरूरी नहीं है. यानी यह नोट फिलीपींस की ओर से 2016 में चीन के खिलाफ दायर किए गए कानूनी मामले से जुड़ा था. यह मामला संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के तहत दर्ज किया गया था.

इस मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत का फैसला काफी हद तक फिलीपींस के पक्ष में आया था. इसमें चीन के दक्षिण चीन सागर पर बड़े दावे, उसकी तथाकथित 'नाइन-डैश लाइन', समुद्र में जमीन बढ़ाने की गतिविधियां और फिलीपींस के समुद्री क्षेत्र में कुछ गतिविधियां गैरकानूनी मानी गई थीं. चीन ने इस फैसले को लंबे समय से मानने से इनकार किया है.

फिर तेओदोरो ने चीन को घेरा

नोट पढ़ने के बाद तेओदोरो ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि अगर कोई देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार करे, तो उससे सभ्य तरीके से कैसे निपटा जाए. उन्होंने कहा कि जब मुझसे यहां एक सवाल पूछा जा रहा है, तब मुझे इस तरह का कागज भेजना क्या सही व्यवहार है? आप इस तरह के व्यवहार से कैसे निपटेंगे?

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून का अपमान नहीं है, बल्कि साउथ कोरिया जैसे मेजबान देश और वहां मौजूद लोगों के प्रति भी सम्मान की कमी दिखाता है. उन्होंने कहा कि चीन को सबसे पहले बुनियादी शिष्टाचार और कैसे सही व्यवहार किया जाता है, यह सीखना चाहिए. तेओदोरो ने नोट भेजने की घटना को दबाव बनाने, डराने और आक्रामक व्यवहार का उदाहरण बताया.

नोट देने वाले व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए तेओदोरो ने कहा कि वह इस कागज को याद के तौर पर अपने पास रखेंगे. उन्होंने कहा कि यह कागज उन्हें याद दिलाएगा कि चीन एक खुले अंतरराष्ट्रीय मंच पर कितना हताश नजर आ रहा है और उसकी स्थिति कितनी कमजोर है. उन्होंने नोट देने वाले व्यक्ति से कहा कि इस कागज को देकर आपने अपने देश की बहुत बड़ी सेवा की है.

बाद में फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने आधिकारिक X अकाउंट पर शेयर किया और बताया कि यह घटना सियोल डिफेंस डायलॉग 2026 के दौरान हुई.

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