आतंकवाद को नेशनल पॉलिसी बनाने वाला पाकिस्तान लगातार उसी की मार झेल रहा है. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बुधवार, 29 जुलाई को एक चेकपोस्ट पर हुए हमले में कम से कम 7 पुलिसकर्मियों और 8 कथित "आतंकवादियों" की मौत हो गई. स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी. यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले इसी तरह की एक और झड़प में कुल मिलाकर 24 से ज्यादा लोग मारे गए थे. जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला बुधवार शाम पाकिस्तान के उत्तरी सीमा वाले प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में हुआ. यह जानकारी जिले के पुलिस अधिकारी तारिक हबीब के हवाले से दी गई.
तारिक हबीब ने बताया कि इस हमले में 22 और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया. हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने तुरंत नहीं ली. यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में भी अज्ञात आतंकवादियों ने एक दूसरी चेकपोस्ट पर हमला किया था.
पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकवादियों को मार गिराया था. पाकिस्तान पहले भी खैबर पख्तूनख्वा और दक्षिणी सीमा वाले प्रांत बलूचिस्तान में बढ़ते हमलों के लिए अफगानिस्तान से आने वाले आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहरा चुका है. हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है.
इन आरोपों की वजह से दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ी है और उनके बीच कई बार सशस्त्र संघर्ष भी हुआ है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की जमीन पर भी हवाई हमले किए हैं. उसका कहना है कि इन हमलों का निशाना आतंकवादी ठिकाने थे. वहीं, तालिबान सरकार और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि जून में पूर्वी अफगानिस्तान में पाकिस्तान के ताजा हवाई हमलों में दर्जनों आम नागरिकों की मौत हुई थी.
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